हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर पिलखुआ में वर्चुअल गोष्ठी आयोजित

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर पिलखुआ में वर्चुअल गोष्ठी आयोजित

इस अवसर पर दर्जनों पत्रकारों ने अपने-अपने विचार रखे
हापुड़।
पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष में पिलखुआ मे ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में पत्रकारों का सम्मान करते हुए पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर पत्रकार राजेंद्र सिंह राठी ने कहा कि पत्रकारों के शब्दों को कोई भी स्पर्श नहीं कर सकता पर उनके शब्द सभी को स्पर्श कर जाते हैं। शब्दों का चयन  और लिखने की कला  पत्रकार की पहचान है। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर नवोदय युवा समिति द्वारा ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही बताया कि कोरोना कॉल में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।आयोजित गोष्ठी में शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
गोष्ठी के आयोजक नवोदय युवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी के चलते एक स्थान पर एकत्रित होकर कार्यक्रम नहीं किया जा सकता था ,इसलिए घर बैठे डिजिटल माध्यम से गोष्ठी का आयोजन किया गया ,जिसमें शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशाल कौशिक ने कहा कि पत्रकार का कार्य सराहनीय होता है, अपने जोखिम भरे कार्य के प्रति हर समय तैयार रह कर समाज को सच्चाई दिखाता है। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता  नरेंद्र टॉक ने कहा कि लॉकडाउन में ऑनलाइन के माध्यम से गोष्ठी का आयोजन  पत्रकारों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य करेगा। समाज सेविका निर्मल शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते अपनी जान की परवाह किए बिना प्रतिदिन अपने कर्तव्य का निर्वाह करने वाले पत्रकारों के लिए सरकार द्वारा सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर महेंद्र सैनी ने कहा कि समाज को संगठित करने मंे पत्रकार अहम भूमिका निभाते हैं।पत्रकार के सामने अनेक समस्याएं हैं ,लेकिन इस तरह के आयोजन से उत्साहवर्धन होगा और मनोबल बढ़ेगा। गोष्ठी में मनोज शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकार एक योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं।जनमानस व संस्थाओं द्वारा उनके सम्मान में हौसला अफजाई की आवश्यकता है। रामअवतार वर्मा ने कहा कि मिशन से दूर होने के आरोप  भी पत्रकारिता से जुड़े लोगों पर लगते रहे हैं, लेकिन पत्रकार अपनी जान की परवाह किए बगैर समाज को सच्चाई का आईना दिखाने से पीछे नहीं हटता है।सौरव बंसल ने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र लोकतंत्र में चौथा स्तंभ हैं। आज के वातावरण में पत्रकार को सचेत रहने की आवश्यकता है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर समस्त इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के पत्रकार साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं है।

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