विशेष जाति वर्ग में न होने की वजह से अहेरिया समाज में रोष

विशेष जाति वर्ग में न होने की वजह से अहेरिया समाज में रोष

पंचायत चुनाव में लोगों ने कहीं एससी में तो कहीं बीसी में खुद की दावेदारी की पेश
अहेरिया जाति के लोगों में असमंजस की स्थिति
अनूपशहर/बुलन्दशहर।
शासन द्वारा अहेरिया जाति को विशेष वर्ग में न रखने पर अनूपशहर क्षेत्र के ग्राम मऊ के ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया है। उन्होंने मांग की है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में उन्हें भी एक विशेष जाति में रखा जाना चाहिए था।आपको बता दें कि शासन की मंशा है कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिये तहसील से राज्य सरकार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र लोगों को किसी भी वर्ग व जाति का लेना होगा। मगर अब अहेरिया जाति को प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव से वंचित रहना पड़ेगा। दूसरी तरफ कुछ पंचायतों में अहेरिया जाति के लोगों ने पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के लिए पर्चा दाखिल करके चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की है। जिनमें उन्होंने कहीं अनुसूचित जाति में तो कहीं अन्य पिछड़ा वर्ग में खुद की दावेदारी पेश की हैं,लेकिन निर्वाचन अधिकारी इस बात को नजर अंदाज कर रहे हैं। यदि पहले से इसकी सूचना निर्वाचन केंद्रों पर चस्पा कर दी जाती तो लोगों को इन समस्याओं का सामना नही करना पड़ता। वहीं जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार का कहना है कि राज्य में अहेरिया जाति का नाम किसी भी वर्ग जैसे-सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग ,अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तालिका में अंकित नहीं है,जो जिस वर्ग में होता है,उसे उसी वर्ग में उसी जाति में प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। अहेरिया जाति को राज्य सरकार का जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जायेगा।

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