विधायक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लिया गोद

विधायक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लिया गोद

नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण को दिए 50लाख रुपए
डिबाई/बुलन्दशहर ।
अब इसे साल, 2022 की दस्तक समझें या डिबाई विधायक की कार्यशैली में अभूतपूर्व बदलाव ,जो भी हो ,लेकिन डिबाई क्षेत्र एवं स्वयं विधायक डॉ0 अनिता राजपूत के लिए मई माह काफी महत्वपूर्ण एवं सराहनीय रहा है। अब वो चाहे 100 बेड वाले अस्पताल को कोविड एल-1 के तौर पर शुरू कराने के लिए हो या उसी परिसर में एनएपीएस द्वारा ऑक्सीजन प्लांट बनवाने में सहयोग के लिए हो। फिर चाहे कसेर पीएचसी में ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स की व्यवस्था कराने को लेकर हो या फिर स्वास्थ्य सम्बन्धी अन्य व्यवस्थाआंे के लिए। जो भी हो मई माह में ,जिस तरह से डिबाई विधायक डॉ0 अनिता राजपूत ने डिबाई के स्वास्थ्य के प्रति संवेदना दिखाई है ,वो निश्चय ही सराहनीय है। इसी क्रम में डिबाई विधायका डॉ0 अनीता राजपूत ने प्रदेश की योगी सरकार के दिशा निर्देशों के अनुपालन में डिबाई सीएचसी को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू की है। जिसमें डिबाई सीएचसी के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए अपनी विधायक निधि से 50लाख रुपये देने की स्वीकृति दी है। इसी उद्देश्य से डॉ0 राजपूत ने पत्र लिख कर सीडीओ बुलन्दशहर को उनकी विधायक निधि से 50लाख रुपये का शीघ्र आहरण कर उस धनराशि से डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था एवं सीएचसी के नवीनीकरण सम्बन्धी कार्यवाही करने को कहा है। बेशक ये कार्य कोविड के मद्देनजर केंद्र एवं राज्य सरकारों के दिशा निर्देशों पर हो रहे हो ,लेकिन वर्तमान में सभी जनप्रतिनिधियों के इस तरह से आगे बढ़कर स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना न सिर्फ आमजन मानस के लिए हितकारी रहेगा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों में उन सभी सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों का भविष्य भी निर्धारित करेगा। इस ओर ऐसा नहीं है कि केवल सत्ता पक्ष को ही ध्यान देने की आवश्यकता है। इस ओर उन दलों को भी सोचना होगा जिनके प्रत्याशी पूर्व में जीत का स्वाद चख चुके हैं। ज्ञात हो कि डिबाई विधानसभा से भाजपा ही नही ,बल्कि कांग्रेस, सपा एवं बसपा भी जीत का परचम लहरा चुकी है। इसी के साथ बसपा एवं सपा दोनों के प्रत्याशी भी खासी टक्कर दे चुके हैं लेकिन वर्तमान विधायक के इन तेवरों से एक बात तो स्पष्ट है कि जहां एक ओर भाजपा से उनकी टिकट की दावेदारी मजबूत होती दिख रही है तो वहीं वो अन्य दलों के अपने प्रतिद्वंद्वियों के हौसले पस्त कर रही है। यदि इस वैश्विक महामारी के दौरान अन्य पार्टियों ने आम जनमानस के प्रति अपनी सम्वेदना रखते हुए जन सेवा नहीं की तो निश्चित ही साल, 2022 में जनता उनको बखूबी जवाब देगी। डॉ0 अनिता राजपूत के इस अंदाज में ये भी स्पष्ट हो चला है कि जो लोग ये सोच कर बैठे है कि चुनावी समर की शुरुआत होने पर अचानक लोग प्रकट होंगे और करोड़ ,दो करोड़ खर्चा करके चुनाव पलट देंगे। जिन आम लोगों का वोट आपको चाहिए उनके प्रति आपका पैसा ही नही बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार के लिए आपको काम करने होंगे ,तभी लोगों द्वारा आपको देख कर किया गया ,जिंदाबाद वोटों में तब्दील हो पायेगा वरना कही ऐसा न हो कि तमाम स्टार परवर्ती के लोगो को अपनी जमानत बचाने के लाले न पड़ जाए।

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