विद्यालय प्रबंधक ने चौकीदार को आरोपित कर भेजा नोटिस

विद्यालय प्रबंधक ने चौकीदार को आरोपित कर भेजा नोटिस

चौकीदार ने प्रबंधक व प्रधानाचार्या पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाकर किया था आत्महत्या का प्रयास
बुलन्दशहर। नगर को
तवाली क्षेत्रांतर्गत एक कॉलेज के चौकीदार द्वारा विगत 30जुलाई को जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में विद्यालय प्रबंधक/प्रधानाचार्या ने चौकीदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया है। उक्त आरोपों के चलते प्रबंधक व प्रधानाचार्या ने चौकीदार को पूर्व में कई नोटिस भेजे थे। बताया गया कि फिलहाल चौकीदार खतरे से बाहर एवं सकुशल है।
उक्त प्रकरण के संबंध में गांधी बाल निकेतन इंटर कॉलेज प्रबंधक चौधरी प्रताप सिंह ने चौकीदार को एक नोटिस भेजा था। नोटिस में प्रबंधक ने कहा कि मेरे द्वारा आपकी नियुक्ति पत्रावली पर प्रधानाचार्या एवं आपके मध्य हुए पत्राचार का गंभीरता से अवलोकन किया गया। नियुक्ति पत्रावली के अनुसार आपकी नियुक्ति जिला विद्यालय निरीक्षक बुलन्दशहर द्वारा मृतकाश्रित मंे चौकीदार के पद पर की गई है। चतुर्थश्रेणी कर्मचारी सतीश कुमार, जोकि विद्यालय में अपने बच्चो समेत काफी समय से चौकीदार के रूप में रह रहा था। उसकी सेवा समाप्ति के पश्चात आपको आपकी नियुक्ति के अनुसार चौकीदार का कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया। इस पर आप द्वारा चौकीदार के पद पर कार्य करने से मना किया गया, लेकिन विद्यालय में कर्मचारियों की कमी होने के कारण तथा दो महिला कर्मचारी एवं दो कर्मचारियों के वृद्ध व बीमार होने के कारण चौकीदार के पद पर कार्य संभव न होने से आपसे ही उक्त कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया,जिस पर आप प्रधानाचार्या व अन्य से नाराज होने के कारण चौकीदार के पद पर नियुक्ति के बाद भी आप द्वारा अपने कर्तव्य में शिथिलता के अतिरिक्त लापरवाही अपने सेवा स्थल पर अनुपस्थित रहना ,प्रधानाचार्या, अध्यापक वर्ग एवं अन्य शिक्षणोंत्तर कर्मचारियों के विद्यालय संबंधित कार्य करने से मना करना तथा नियमित चौकीदार के पद को न निभाने के कारण प्रधानाचार्या द्वारा दिनॉक 20.05.2021 को आपसे स्पष्टीकरण मांगा गया, जिस पर आपने दिनॉक रहित स्पष्टीकरण बिन्दुबार न करके प्रधानाचार्या द्वारा मांगे गये बिन्दुओं को नकारते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। उक्त पत्र में आपने लिखा कि यदि कोई पदाधिकारी रहता है, के संबंध में स्पष्ट नहीं किया कि कौन पदाधिकारी ड्यूटी से गायब रहता है? न ही इस संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया है। इससे स्पष्ट है कि न केवल आप आदेशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता कर रहे है, बल्कि आप नैतिकता के विरूद्ध काम करने के दोषी है। जिस पर आपने स्पष्टीकरण, दिनॉक 24.05.2021 को विद्यालय में प्राप्त कराया, उसके द्वारा परिनंदित करते हुए कड़ी चेतावनी दी तथा आपको निर्देशित किया गया कि आप अपनी कार्यशैली व व्यवहार में सुधार कर लें, अन्यथा आपके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। जिसकी प्राप्ति के पश्चात आपने दिनॉक 07.06.2021 को स्वयं को अधिकारी मानते हुए प्रधानाचार्या द्वारा पारित आदेशों को अमान्य करते हुए अपनी ड्यूटी पर 2बजे से सुबह 8बजे तक चौकीदार के कर्तव्य के निर्वाहन के संबंध में पत्र लिखा तथा मुस्तैद रहकर कर्तव्य का पालन करने के संबंध में लिखा है। इससे स्पष्ट है कि आप बार बार प्रधानाचार्या के आदेशों को बहुत हल्के से लेकर गंभीरता से विचार न करके आप निरंतर असत्य, भ्रामक, अनर्गल, अव्यवहारिक व तर्कहीन पत्र लिखकर एव स्वयं को कर्तव्यनिष्ठ बताते हुए प्रधानाचार्या को बार बार असत्य कथन कहने के आरोप लगाकर अनुशासनहीनता कर रहे है, जोकि किसी भी कर्मचारी के लिये उचित नहीं है, बल्कि अवज्ञाकारी, अनुशासनहीनता की श्रेणी के अन्तर्गत माने जाते है। इसके पश्चात आप अपना कार्यभार, व्यवहार, अनुशासन व भाषा शैली में सुधार न करके अपने को पांच बजे से प्रातः 8.30 बजे तक ड्यूटी देने का कथन करते है। जबकि पूर्व में 2बजे से 8.30बजे तक का कथन अपने पत्रों में वर्णित किया है। आपके उक्त पत्र दिनॉक 05.07.2021 में न केवल प्रधानाचार्या को धमकी देने का प्रयास किया है, बल्कि उप शिक्षा निदेशक मेरठ एवं जिला विद्यालय निरीक्षक बुलन्दशहर को उचित प्रकार से संबोधन न करके उक्त अधिकारी व प्रधानाचार्या को अपमानित करने का कार्य किया है। आपके संबंध में सौहार्दपूर्ण विचारण के बाद आपको यह सलाह दी जाती है कि आप अपने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए अभद्रता, अनुशासनहीनता जैसा कृत्य न करें, जिससे कि विद्यालय प्रबंध तंत्र को आपके विरूद्ध कार्यवाही करने पर विवश होना पड़े।
उधर बेहोशी हालत में चौकीदार ने विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं प्रबंधक पर प्रताडि़त किए जाने का आरोप लगाते हुए जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। जिसके बाद चौकीदार की पत्नी ने दर्जनों महिलाओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहंुचकर शिकायती पत्र देकर प्रधानाचार्या व प्रबध्ंाक पर कार्यवाही की मांग की थी। वहीं दूसरी ओर प्रबंधक प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त चपरासी की हरकतें ठीक नहीं है,इससे पूर्व भी वह ऐसी ही हरकत कर चुका है,किस वजह से उसने आत्महत्या की कोशिश की, यह कहना मुश्किल है, विद्यालय से संबंधित कोई मामला नहीं है, उसके आरोप निराधार है।बल्कि वह चपरासी नहीं केवल चौकीदार है,जो अपने कर्तव्य को सही ढंग से नहीं निभा रहा है।

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