विज्ञान फाउंडेशन द्वारा मनाया गया घरेलू कामगार दिवस

विज्ञान फाउंडेशन द्वारा मनाया गया घरेलू कामगार दिवस

लखनऊ। विज्ञान फाउंडेशन द्वारा एक्शन एड एसोसिएशन के सहयोग से महिला कामगार हक अभियान कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस, महिला कामगार श्रमिकों के साथ मनाया गया। पलटन छावनी में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए महिला श्रमिकों के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रुप में भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड की पार्षद रूपाली गुप्ता, मडि़याव थाने से एसआई हरिश्चंद्र सोशल एक्टिविस्ट प्रीति एम शाह, कहकशा, तथा विज्ञान फाउंडेशन से संदीप खरे मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर पार्षद रूपाली गुप्ता ने कहा कि हमारे समाज में महिलाओं की एक अहम भूमिका है ,जिसे लोगों को समझने की जरूरत है क्योंकि कोई भी घरेलू कामगार श्रमिक दूसरे के घरों में चूल्हा चौका करने पैसे की उम्मीद लेकर जाती है लेकिन कभी-कभी इन श्रमिकों का पैसे के नाम पर शोषण भी होता है ,इनको इनके काम का मेहनताना नहीं मिलता है ,जबकि इन्हीं की बदौलत घरों में पका पकाया भोजन मिल पाता है। उन्होंने कोविड के परिपेक्ष में जानकारी देते हुए कहा कि आप सभी लोग जो घरेलू कामगार श्रमिक हैं ,आपके लिए सरकार द्वारा आपदा सहायता राशि के तहत 1000 रूपये देने की घोषणा की गई हैं।इसके लिए आप लोगों को अपना आधार और बैंक का अकाउंट देना होगा। इसी क्रम में कहकशा ने बताया कि हमारे समाज में महिलाओं के काम को वरीयता न देकर महिला श्रमिकों के साथ असमानता व भेदभाव किया जाता है। मजदूरी के नाम पर भी महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। काम के दौरान कार्यस्थल पर तमाम महिला श्रमिक ऐसी हैं ,जो हिंसा का शिकार होती हैं ,लेकिन अपनी बात को खुल कर रख नहीं पाती हैं इसलिए आज पूरी दुनिया की महिला श्रमिक घरेलू कामगार दिवस अपने हक और अधिकार के लिए मना रही हैं, इसके लिए आपको जागरूक होने की जरूरत है। इसी कड़ी में प्रीति एम शाह ने कहा कि कोविड के दौरान इस समय सबसे अधिक अगर कोई प्रभावित हुआ है तो वह मजदूर वर्ग है उसमें महिला श्रमिक सबसे ज्यादा बेरोजगार हुई हैं लोगों के पास काम नहीं है। ऐसे हालात में श्रमिकों को अपना परिवार चलाने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व स्वयंसेवी संस्थाएं लोगों के सहयोग के लिए आगे आकर हर संभव प्रयास कर रही हैं।
वही विज्ञान फाउंडेशन से संदीप खरे ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के तहत प्रदेश के जितने भी असंगठित मजदूर हैं उनको पंजीकृत करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है इसलिए जब तक आप सभी घरेलू कामगार महिलाओं का अलग से कोई कानून व बोर्ड नहीं बनता है तब तक आप लोग सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में अपना पंजीयन कराएं और उसके तहत दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ लें। मडि़याव थाने से हरीश चंद्र जी ने महिलाओं की सुरक्षा पर जानकारी देते हुए कहा कि आप लोग कहीं पर कार्य करने जाते हैं कार्य के दौरान अगर किसी तरह की समस्या होती है या हिंसा होती है तो उस दशा में आप महिला हेल्पलाइन या 112 पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस के अवसर पर प्रातः जो ऑनलाइन जूम मीटिंग आयोजित हुई, उसमें असंगठित क्षेत्र सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्य मोहन चौहान, सोशल एक्टिविस्ट ताहिरा हसन, एडवोकेट आसमा, मनीषा भाटिया , रिचा चंद्रा, खालीद चौधरी आदि लोगों ने अपने विचार मीटिंग के माध्यम से रखें।

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