वांछित आकिल की मौत पर खुर्जा में परिजनों का भीषण हंगामा, लगाया जाम, पुलिस के छूटे पसीने

वांछित आकिल की मौत पर खुर्जा में परिजनों का भीषण हंगामा, लगाया जाम, पुलिस के छूटे पसीने

एसडीएम एवं सीओ ने मौके पर जाकर परिजनों को समझाकर मामले को शांत कर शव को सुपुर्द-ए-खाक कराया
बुलन्दशहर।
विगत दिनों कोतवाली खुर्जा नगर के मोहल्ला खवेशज्ञान में गौकशी के मामले में पुलिस द्वारा दबिश के दौरान घायल हुए अभियुक्त ने गुरूवार को दम तोड़ दिया। अभियुक्त के दम तोड़ने के बाद मृतक के परिजनों ने सैकड़ों लोगों के साथ शव हाईवे पर रखकर जाम कर दिया। घटना की सूचना पर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहंुची एसडीएम एवं सीओ ने मृतक के परिजनों से कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को मुश्किल से शांत कराया और शव को सुपुर्द-ए-खाक करा दिया।
जानकारी के अनुसार कोतवाली खुर्जा नगर क्षेत्रांतर्गत मौ0 खवेशज्ञान निवासी आकिल पुत्र यूनुस दर्ज मुकदमों में वांछित चल रहा था कि खुर्जा नगर पुलिस ने विगत 23/24 मई की रात्रि करीब 01बजे दबिश डाली थी। इसी बीच पुलिस दबिश की भनक लगते ही अभियुक्त आकिल ने पुलिस कर्मियों से बचकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा कर पकड़ लिया। इसी बीच पुलिस कर्मी एवं आकिल के बीच आपस में झड़प होने लगी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि कुछ पुलिस कर्मियों ने आकिल के सिर में बट मारी थी, जिसकी वजह से आकिल गम्भीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए दिल्ली के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जिसकी 26मई को इलाज के दौरान मौत हो गयी। उसके बाद गुस्साए परिजनों ने कोतवाली खुर्जा नगर के मुड़ाखेड़ा चौराहा पर शव रखकर चौराहा को पूरी तरह जाम कर दिया। मृतक के परिजनों द्वारा जाम लगाये जाने की सूचना पर खुर्जा एसडीएम लवी त्रिपाठी एवं सीओ सुरेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों का ढांढस बंधाकर बातचीत की, जिस पर परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपित पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही करने एवं आर्थिक मदद की मांग की। जिसके बाद एसडीएम लवी त्रिपाठी ने परिजनों को हर संभव मदद करने और आरोपित पुलिस कर्मियों पर जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया,उसके बाद परिजनों ने शव को कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। उधर सीओ सुरेश कुमार ने बताया कि मुंडाखेड़ा चौराहे पर जाम जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि मामला यह कि 23/24 मई की रात्रि में मुंडाखेड़ा अन्तर्गत मौ0 खवेशज्ञान निवासी अकील पुत्र यूनुस को परिजनों ने अस्पताल में अन्य नाम से भर्ती कराया गया था, जो उपचाराधीन थे, उनकी विगत शाम को दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गयी। परिवारजनों द्वारा आरोप लगाया गया कि पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी थी, उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया था। उस दौरान लगी चोटों से उनकी मृत्यू हुई है। इस संबंध में मुख्य तथ्य यह है कि आकिल के विरूद्ध कई अभियोग पंजीकृत है। इनका अच्छा खासा आपराधिक इतिहास है, एक मुकदमे में ये वांछित भी थे और पुलिस उनकी गिरफ्तारी हेतु प्रयासरत थी। फिर भी उनके परिजनों ने शिकायत की थी, उच्चाधिकारियों ने तत्काल इस पर जांच के आदेश दिए। आज जब इनका शव आया तो इनके परिजन पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई से स्वयं भी सारी स्थिति से अवगत व संतुष्ट थे और शांतिपूर्वक ही उनका अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन उसी दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने प्रयास किया कि मुंडाखेड़ा चौराहे पर लाकर शव रखकर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने ये प्रयास सफल नहीं होने दिया और परिजनों से बात की तथा समझाया,उसके बाद उनका शव कब्रिस्तान चला गया, जहां उनका विधिवत अंतिम संस्कार हो गया। एक प्रश्न के जबाब में सीओ ने बताया कि पुलिस निरंतर उनकी गिरफ्तारी के प्रयासरत थी, झड़प जैसी कोई बात मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर कोई आरोप लगाया गया है, उसकी जांच की जा रही हैै, प्रथम दृष्टया ऐसी कोई बात नहीं पाई गई है।

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