वजन सप्ताहः-अब तक एक लाख बच्चों का किया गया वजन

वजन सप्ताहः-अब तक एक लाख बच्चों का किया गया वजन

बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर चल रहा वजन सप्ताह
24जून तक चलेगा सप्ताह, एक जुलाई से दो अक्टूबर तक चलेगा अभियान “संभव
बुलन्दशहर।
जनपद में 17जून से शुरू हुए वजन सप्ताह के तहत अब तक करीब एक लाख बच्चों का वजन कराया जा चुका है। 24 जून तक चलने वाले वजन सप्ताह में जनपद के करीब 3.45 लाख बच्चों का वजन किये जाने का लक्ष्य है। जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम बाजपेई ने बताया वजन सप्ताह के दौरान वजन व लम्बाई, ऊंचाई मापते हुए सभी जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण श्रेणी (अल्प वजन-आयु के अनुसार वजन, गंभीर अल्प वजन- वजन के अनुसार ऊंचाई, लम्बाई) के अनुसार एकत्रित की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण स्तर में सुधार करने के लिए कुपोषण की सही समय से पहचान व प्रबंधन पोषण अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण रणनीति है। कुपोषण से ग्रसित बच्चों में बाल्यावस्था की बीमारियां एवं उनसे होने वाली मृत्यु का खतरा अधिक बढ़ जाता है। कुपोषण की सबसे गंभीर श्रेणी में सैम (अति कुपोषित), मैम (कुपोषित), गंभीर अल्प वजन के बच्चे आते हैं। जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए वजन सप्ताह मनाया जा रहा।
क्या है अभियान “संभव?
एक जुलाई से दो अक्टूबर तक पोषण संवर्धन की ओर एक कदम “संभव” अभियान चलाया जाएगा। वजन सप्ताह में चिन्हित किए गये सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन बच्चों के लिए सघन सामुदायिक गतिविधियां (जैसे साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय उपचार, पोषण पुनर्वास केन्द्र, चिकित्सा इकाई में संदर्भन) आयोजित की जाएंगी। तीन माह के अभियान का मुख्य उद्देश्य सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन वाले बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना है। इसके लिए 20कृ25 सितम्बर के मध्य दोबारा वजन सप्ताह का आयोजन करते हुए प्रगति का निर्धारण किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कुपोषण की रोकथाम एक समग्र रणनीति से ही संभव है, इसलिए कुपोषित बच्चों के साथ-साथ पोषण प्रोत्साहन की अन्य थीम पर भी जनजागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के तहत जुलाई माह में मातृ पोषण, अगस्त माह में जीवन के पहले 1000 दिन, सितम्बर में सैम,मैम का उपचार (पोषण माह के साथ-साथ) किया जाएगा। उन्होंने बताया अभियान की समाप्ति पर पोषण की श्रेणी में आये हुए बदलाव का आंकलन किया जाएगा। जनपद से तीन आंगनबाड़ी, तीन मुख्य सेविका तथा तीन बाल विकास परियोजना अधिकारी को पुरस्कृत किया जाएगा।

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