लाॅटरी डालने का प्रचलन बेखौफ जारी

लाॅटरी डालने का प्रचलन बेखौफ जारी

जहांगीराबाद/बुलन्दशहर। नगर में लाटरियों का प्रचलन जोर शोर से जारी है। लाटरियों के इस अजीबों गरीब गौरख धन्धें से जहां साहूकारों की चाँदी कट रही है ,वहीं दूसरी ओर सरकारी राजस्व को भारी हानि पहुंचाती ये लाटरियां गरीबों का जीवन बर्बाद करके आये दिन होने वाले लेन-देन के झगड़े का प्रमुख कारण बनी हुई है। नगर में लाटरियों का धन्धा व्यापक पैमाने पर बेखौफ होकर चलाया जा रहा है। इस गौरख धन्धे को चलाने के लिये किसी विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती, केवल एक प्रधान तथा 10 से 29 सदस्यों की जरूरत होती है। लाटरी जिसके यहां डाली जाती है, वह इन धन्धों की भाषा में उसका प्रधान कहलाता है। ये प्रधान दूसरी लाटरी का धन अपने पास रखते हैं। अन्य मासिक लाटरियों के ड्रा निकालने जाते हैं ,जिसमें जरूरतमंद सदस्य अपनी गरज के मुताविक अधिक बट्टे पर लाटरी उठाते हैं। सूदखोरों की इस अनोखी दूनिया में बकायदा फाइनेन्सर भी होते हैं ,जो लाटरी का फाइनेंस करके 10प्रतिशत सैंकड़ा की दर तक सूद वसूल करते हैं ,जबकि वर्तमान में तीन वर्ष तक निवेश करने पर मात्र 08 प्रतिशत प्रति वर्ष का ही ब्याज निवेश पा सकता है। अवैध लाटरी का धंधा कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस धन्धे से हर कोई मालामाल ही हो रहा है बल्कि जुए की मानिद एक जीतता है तो दूसरा हारता है। 15गुना का लाभ जरूरतमन्दों को ही भरना होता है, कमेटी का कर्जा चुकाने को आयेदिन झगड़े होते रहते हैं।

 124 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *