राहुल की ताजपोशी से सपाईयों में हर्ष, कई दिग्गजों को ओवरटेक कर राहुल बने जिलाध्यक्ष

राहुल की ताजपोशी से सपाईयों में हर्ष, कई दिग्गजों को ओवरटेक कर राहुल बने जिलाध्यक्ष

पार्टी एवं समाज समर्पित कार्यकर्ता ही पार्टी की है जान- नरेश उत्तम
बुलन्दशहर।
बीते माह में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद से खाली पड़े समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद को शुक्रवार को नया जिलाध्यक्ष मिल ही गया। साल, 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा के प्रदेश नेतृत्व ने समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव के तौर पर सेवा दे रहे राहुल यादव को ही एक पायदान ऊपर उठा दिया। जिसके चलते राहुल यादव को समाजवादी पार्टी का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत कर दिया गया। राहुल यादव के मनोनयन की खबर सुनते ही जिले के न सिर्फ युवा समाजवादियों में खासा उत्साह नजर आया। वही सपा की अनुभवी एवं सीनियर विंग भी राहुल को लेकर खासी प्रसन्न दिखी।
गौरतलव है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ,2021 में जिला पंचायत सदस्य पद पर प्रत्याशी रही अपनी पत्नी की हार के बाद तत्कालीन जिलाध्यक्ष अमजद अली गुड्डू ने नैतिकता के आधार पर अपने जिलाध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था। जिसके बाद से जिलाध्यक्ष पद खाली पड़ा था। नए जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में कई दिग्गज नामों की विशेष चर्चा रही। साल, 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों का एंगल भी लगाया जा रहा था। चर्चाओं का बाजार तो यहां तक गर्म था कि पार्टी अपने पुराने चेहरों में से किसी एक दिग्गज पर भी दांव खेल सकती है तो कही इस बात की भी सुगबुगाहट थी कि पार्टी ब्राहमणों को साधने के लिए इस बाद जिलाध्यक्ष के तौर पर किसी ब्राहमण चेहरे को जिले की कमान सौप सकती है, लेकिन इन सब के बीच काफी गहन मंथन एवं विचार विमर्श के बाद प्रदेश नेतृत्व ने जिस चेहरे को मैदान में उतारा वो बेशक कईयों को चौकाने वाला है। वो भी उन परिस्थितियों में जब विगत सप्ताह में निवर्तमान जिलाध्यक्ष के लेटर ने कई दिग्गजों की निष्ठा एवं उनकी वर्षों की तपस्या पर दाग लगा दिया था। हालांकि जहां एक ओर किसी ने उस प्रकरण को पार्टी का अंदरुनी मामला बता कर सभी ने अपना पल्ला झाड़ लेना ही उचित समझा तो वहीं किसी ने इस पत्र को फर्जी बता कर अपनी आँखें ही मूंद ली। ऐसे में जब तत्कालीन अध्यक्ष ने अपना फोन बंद कर लिया, तब बतौर जिला महासचिव राहुल यादव ने बड़ी मजबूती के साथ न सिर्फ लोगों के बल्कि मीडिया के प्रश्नों का सामना भी किया। ऐसे में युवा जोश, सरल व्यक्तित्व एवं पार्टी कार्यकर्ताओं में अच्छी इमेज रखने वाले राहुल यादव को नई जिम्मेदारी सौपना आला कमान का सराहनीय कदम है। इसमें दो राय नही कि इन हालातों में राहुल का जिलाध्यक्ष बनना बहुत चेलेंजिंग भी रहने वाला है। क्योंकि साल, 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के सामने जितनी सशक्त दावेदारी सपा की बन रही है, उससे किसानों, व्यापारियों, बेरोजगार ,युवाओं, कोविड के दौरान अपनांे को खो चुके लोगों की उम्मीदें सपा से काफी बढ़ रही हैं। अब इस ताजपोशी के तुरंत बाद राहुल यादव को अपनी सशक्त, अनुभवी एवं सपर्पित टीम को लेकर सपा की साईकिल में पैडल मारने होंगे, जिससे कि बुलन्दशहर की सातों सीटों पर सपा का प्रदर्शन बेहतर हो सके।

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