मौसेरी बहन समेत तीन मासूमों की दर्दनाक मौत, पूरे गांव में पसरा सन्नाटा

घटना की जानकारी होते ही आलाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस ने पहंुचकर जांच पड़ताल की
मौसेरी बहन समेत तीन मासूमों की विद्युत खम्भों के नीचे दबकर हुयी थी मौत

बुलन्दशहर। विगत दिवस ग्राम सरावा-दादूपुर के जंगल में विद्युत खम्भों के नीचे दबकर तीन मासूमों की दर्दनाक मौत हो जाने का मामला उस समय प्रकाश मंे आया, जब उक्त मासूम ,जंगल में बकरी चराने गये थे।जब रात तक उक्त बच्चे घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई और उन्हें तलाश किया तो पता चला कि बकरी चराने गयी दो मौसेरी बहन व एक अन्य बच्ची विद्युत खम्भे पर चढ़ गये। खम्भों का लगा चिट्टा अचानक गिर गया और तीनों उसके नीचे दब गए, जो कई घंटों तक दबे रहे,जिससे उनकी मौत हो गई। तलाश करते घटनास्थल पर पहंुचे ग्रामीणों ने किसी तरह से पोल हटाकर तीनों के शवों को बाहर निकाल कर पुलिस को सूचना दी।सूचना पर स्थानीय पुलिस एवं जिला व पुलिस प्रशासन में हड़कम्प गया और आनन-फानन में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहंुचे।मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुये शवों को कब्जे में कर पीएम को भेजा।
जानकारी के अनुसार कोतवाली खुर्जा नगर अन्तर्गत जंक्शन चौकी क्षेत्र के ग्राम सरावा-दादूपुर के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की इलेक्ट्रिक लाइन के लिए करीब 150 खम्भों का ढेर लगा रखा था, पीएम मोदी ने इस फ्रेट कॉरिडोर का शुभारंभ किया था। विगत दिवस दो मौसेरी बहन समेत तीन बच्चे बकरियां चराने गये और तीन बच्चे उक्त खम्भों के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की जानकारी परिजनों को तब हुई ,जब बच्चे रात तक घर वापस नहीं लौटे और बकरियां स्वयं ही गांव पहुंच गईं, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस एवं जिले के आला अधिकारियों में हड़कम्प मच गया और आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गए।
बताया जाता है कि खुर्जा जंक्शन चौकी क्षेत्र के गांव सरावा-दादूपुर निवासी अजय (14) पुत्र विनोद, गांव में अपनी ननिहाल में मां के साथ रह रही अगौरा निवासी अलीता (11) पुत्री शहजाद और सोफिया (8) पुत्री स्व. बबलू के साथ मंगलवार दोपहर को घर से बकरियां चराने के लिए गए थे। सोफिया की गांव सरावा में ननिहाल है, यहां वह अपनी मां नजमा के साथ ही रहती थी। वे तीनों गांव के निकट स्थित खुर्जा जंक्शन क्षेत्र में बकरियां चरा रहे थे। जहां पर फ्रेट कॉरिडोर की इलेक्ट्रिक विद्युत लाइन को जोड़ने के लिए करीब 150 विद्युत खंभों का ढेर लगा हुआ था। तीनों मासूम खंभों के ढेर के नीचे ही बैठे हुए थे कि अचानक ऊपर से खंभे लुढ़ककर तीनों बच्चों के ऊपर आ गिरे, जिससे तीनों बच्चे उसके नीचे ही दब गए। देर सांय को बकरियां स्वयं ही गांव में पहुंच गईं। बकरियों के साथ गए बच्चों को न पाकर परिजनों को चिंता हुई और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। रात्रि करीब 07बजे परिजन बच्चों को ढूंढते हुए खुर्जा जंक्शन के निकट पहुंचे तो वहां विद्युत खंभों का ढेर फैला हुआ था। जिसके बाद परिजनों ने खंभे हटाकर देखा तो बच्चे उनके नीचे दबे हुए थे। मासूमों की मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम लवी त्रिपाठी, सीओ सुरेश कुमार सिंह और थाना प्रभारी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे और पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी गई, हालांकि, अभी तक 36घंटे बीत जाने के बाद भी खंभे गिरने के कारणों की जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचकर तीनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया गया। परिजनों की हरसंभव मदद की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रकरण में किसी की लापरवाही आदि तो नहीं है।यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -लवी त्रिपाठी, एसडीएम खुर्जा

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