माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गए बालक

माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गए बालक

चुनाव ड्यूटी में हुआ था फीवर
शिकारपुर/बुलन्दशहर।
नगर के शिवलोक कॉलोनी निवासी सुशील कुमार की सांस लेने में दिक्कत के चलते एक चिकित्सालय में निधन हो गया। वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन न मिलने से उनकी पत्नी विमलेश की भी मौत हो गई। अपने माता-पिता को खो देने वाली बेटी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वह रो-रोकर बता रही है कि अगर चुनाव में उनके पिता की ड्यूटी नहीं लगाई जाती तो शायद उनके बीच में वह होते और उनके सिर से माता-पिता का साया नहीं उठता। शिकारपुर के शिवलोक कॉलोनी निवासी सुशील कुमार का सांस लेने में तकलीफ के चलते सरकारी अस्पताल में 30अप्रैल को निधन हो गया। उनकी पत्नी को हल्का फीवर था, उन्हें भी परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। ऑक्सीजन न मिलने पर उनकी मौत हो गई। कुछ घंटे बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हंसता खेलता परिवार एक ही दिन में उजड़ गया। परिवार के चार बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। बताया गया कि मृतक शिक्षक के तीन बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी सुष्मिता 23वर्ष की है, जबकि दूसरी बेटी सुषमांजलि 21साल की है एवं 17वर्षीय सुरभि है और एक बेटा गुरुवेंद्र सिंह 14साल का है। सुशील कुमार (45वर्ष) पुत्र कृपाल सिंह शिकारपुर के डीएपी इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। मृतक की बेटी सुष्मिता ने बताया कि उनके पिता 29अप्रैल को जनता इंटर कालेज पहासू में पंचायत चुनाव की ड्यूटी देकर शाम को घर लौटे थे। उन्होंने बुखार आने के साथ-साथ सांस लेने में शिकायत बताई। परिजनों द्वारा तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारपुर ले गए। जहां उनकी हालत को देखकर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। चिकित्सालय में आक्सीजन लगाई गई, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी विमलेश की भी हालत बिगड़ गई और चिकित्सालय में भर्ती कराया। उनकी बेटी सुष्मिता ने बताया कि ऑक्सीजन न मिलने पर कुछ ही घंटों बाद उनकी माता ने भी दम तोड़ दिया। मृतक की बेटी ने बताया कि चुनाव के दौरान लगाई गई ड्यूटी गलत थी।

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