भारतीय किसान संघ ने भारत माता के सच्चे सपूत की पुण्यतिथि मनाई

भारतीय किसान संघ ने भारत माता के सच्चे सपूत की पुण्यतिथि मनाई

नई दिल्ली।जय जवान – जय किसान का उद्घोष देने वाले देश के द्वितीय प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि के दिन उनको याद करते हुए देश भर में लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य के संदर्भ में देशव्यापी आंदोलन किया गया। इसी कड़ी में भारतीय किसान संघ दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष हरपाल सिंह डागर के नेतृत्व में प्रदेश भर के तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौपे गए। भारतीय किसान संघ की केंद्रीय योजना अनुसार दिल्ली प्रदेश के सभी पांच जिलों में राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदारों को सौपें। नजफगढ़ जिला की ओर से दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष हरपाल सिंह डागर, दिल्ली प्रदेश मंत्री बिजेंद्र कोटला, जिला नजफगढ प्रभारी सुंदर सिंह डागर, सूबेदार जयसिंह जी ढांसा, विजय नंबरदार,् ईसापुर, ओमप्रकाश सहरावत कैर द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। कंझावला जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश महामंत्री धर्मेंद्र सिंह लाकड़ा, दिल्ली प्रदेश महिला प्रमुख प्रीति प्रिया, जिलाध्यक्ष संजीव लाकड़ा,सोहनलाल,कृष्ण लाडपुर,पदम राणा घेवरा और प्रदीप माथुर कराला द्वारा कंझावला में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। शाहदरा जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश प्रचार प्रमुख अरविंद भारद्वाज, विजय प्रताप यादव ,उपेंद्र सिंह, राकेश कुमार एवं बबलु राणा द्वारा शाहदरा में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। महरौली जिला की ओर से दिल्ली प्रदेश सदस्य एवं जिला प्रभारी प्रदीप चौहान,छोटूराम चौहान, बलबीर राजपूत, धरमबीर चौहान द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
उल्लेखनीय है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान गरीब और कर्जदार होता जा रहा है यद्यपि सरकार अपने ढंग से कई प्रकार की मदद करती है परंतु इसका क्रियान्वयन सही ढंग से न होने के कारण किसानों की दशा और दिशा में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। किसान लंबे समय से मांग कर रहे थे कि उसकी फसल का मूल्य लागत और उस पर लाभ जोड़कर भुगतान की व्यवस्था बने! इसके लिए कानूनी प्रावधान करते हुए क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रस्तुत कि जाए! देश में जो 3 कानून बने। वह अचानक से प्रधानमंत्री द्वारा वापस ले लिए गए। इस घोषणा से देश भर का लघु एवं सीमांत किसान स्तब्ध रह गया, उसकी सभी आशाएं धराशाही हो गई! भारतीय किसान संघ क्योंकि अहिंसक और राष्ट्रवादी संगठन है और हमेशा किसान हित में कार्य किया है। संगठन ने आंदोलन के तृतीय चरण में 1 से 10 जनवरी तक देशभर के लगभग एक लाख गांव में चले जन जागरण अभियान में छोटी-छोटी ग्राम सभा की और अंतिम दिन 11जनवरी को भारत के 513 जिला केंद्रों/ देश भर की समस्त तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदार को ज्ञापन सौपे गए हैं।

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