भयावह महामारी में पीएम केयर फंड से क्या वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन जरूरी नहीं?-मुनीर अकबर

भयावह महामारी में पीएम केयर फंड से क्या वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन जरूरी नहीं?-मुनीर अकबर

इस लापरवाही से हुयी लाखों मौतों का जिम्मेदार कौंन? 
बुलन्दशहर।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग प्रदेश महासचिव सैयद मुनीर अकबर ने कहा कि भाषा कुछ तल्ख है पर ऐसे में यही होनी चाहिए तथ्य जो सब सच्चे हैं ना पढि़ए और फिर भारत माता की जय बोलिए, क्या भाजपा की केन्द्र में व राज्य में सरकारें है? बताइए महामारी भारत में जनवरी 2020 में आ गई थी। पिछले लॉकडाउन के दौरान ही पता चल गया था कि इसके लिए वेंटिलेटर और आक्सीजन जरूरी होंगे। आज देश के सभी बड़े शहरों में सभी जरूरी चीजों की कमी है। एक साल में आपने भाषण देने, विधायक खरीदने और दाढ़ी बढ़ाने के अलावा क्या काम किया? जो पीएम केयर फंड बनाया गया था, वह जनता के केयर के लिए था या पीएम ने अपना चुनावी केयर करने के लिए बनाया था? वह फंड कहां गया? विपक्ष की मांग पर भी उसका आडिट क्यों नहीं होने दिया गया?
महामारी के बीच जब ये आशंका थी कि दूसरी लहर आएगी, तो आपने साल, 2020-21 में 9,294 मीट्रिक टन आक्सीजन निर्यात क्यों की? इसके पहले के साल में जब महामारी नहीं थी, तब आपने 4502 मीट्रिक टन निर्यात की थी। महामारी में दोगुना आक्सीजन निर्यात का आइडिया किसका था? आपका डंका दुनिया भर में बज रहा है, लेकिन जब तीन हफ्ते में हजारों लोग मर गए हैं, तो अब आप कह रहे हैं कि 50,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आयात की जाएगी, इसके लिए निविदा जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्यासा पानी बिना मर रहा है और ये जुमलेबाज अब कुआं खोदने की तैयारी कर रहे हैं? मार्च 2020 में सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित किया, तभी ऐलान किया गया था कि देश भर के सरकारी अस्पतालों में 162 आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं, जो सीधे वेंटिलेटर तक आक्सीजन सप्लाई करेंगे। आज एक साल बाद सरकार कह रही है कि आक्सीजन सप्लाई के लिए प्लांट लगाने और उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की जा रही है? फिर वे 162 प्लांट कहां हैं? याद रहे कि कोरोना प्रबंधन खुद प्रधानमंत्री देख रहे थे।
इधर ये भी दावा किया जा रहा है कि देश में पर्याप्त ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है। अगर उत्पादन क्षमता है तो आयात क्यों कर रहे हैं? क्या आप झूठ बोल रहे हैं? आपकी ताली, थाली और दीया-बाती मार्का प्रबंधन का प्रताप सारी दुनिया देख चुकी है। इतनी तबाही के बाद भी आप युवा कमेटी बनाएं, बच्चे आगे आएं जैसी नौटंकी क्यों कर रहे हैं? क्या आपके लिए हजारों लोगों की बर्बादी एक इवेंट भर है? आज भी आपका अहंकार सातवें आसमान पर क्यों है? पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कुछ सलाह देते हैं तो आप अहंकार से भरा मूर्खतापूर्ण जवाब देते हैं, और शाम को वही सलाह लागू करने की घोषणा कर देते हैं। महामारी विशेषज्ञों ने पिछले साल पत्र लिखा कि हमें भी कुछ मालूम है, हमें भी काम करने दिया जाए। आप विशेषज्ञों, जानकारों और विपक्षियों की सलाह लेने में अपनी हेठी क्यों समझते हैं?
सैयद मुनीर अकबर ने आगे कहा कि निचोड़ यह कि जितना प्रयास आप षड्यंत्र करने, लोगों को गुमराह करने और झूठ बोलने के लिए करते हैं, उसका आधा प्रयास भी महामारी से निपटने के लिए किया गया होता तो आज शहर के शहर शमशान में तब्दील नहीं होते। झूठ बोलने का कारोबार बंद करें। रोज हजारों परिवार बर्बाद हो रहे हैं। यह सच है कि महामारी प्राकृतिक है, लेकिन उतना ही सच यह भी है कि वेंटिलेटर और ऑक्सीजन से लोगों की जान बच सकती है, लेकिन आपने अब तक इसका पुख्ता इंतजाम नहीं किया। इन हजारों मौतों के लिए आप नहीं तो कौन जिम्मेदार हैं? ये मौतें नहीं, बल्कि ये हत्याएं हैं।

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