बेसिक शिक्षा विभाग का आदेश है दुर्भाग्यपूर्ण, शिक्षकों को दिलवाकर रहेंगे उनका हक -सुरेंद्र यादव

बेसिक शिक्षा विभाग का आदेश है दुर्भाग्यपूर्ण, शिक्षकों को दिलवाकर रहेंगे उनका हक -सुरेंद्र यादव

कोरोना से शिक्षकों को मृतकाश्रित मुआवजा नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ करेगा विरोध प्रदर्शन
बुलन्दशहर।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शिक्षकों द्वारा ड्यूटी करने पर अनेकों शिक्षक कोरोना महामारी से ग्रसित हुए और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, जिस पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मृतकाश्रित मुआवजे की सरकार से मांग की, परंतु बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि घर से ड्यूटी स्थल और ड्यूटी स्थल से घर पहुंचने के बीच मृत्यु होने पर ही मुआवजा दिया जाएगा अन्यथा नहीं। अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश की गाइड लाइन के अनुसार केवल तीन ऐसे मामले सामने आए हैं ,जिनको मुआवजा शीघ्र दिलाया जाएगा। बता दें कि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बुलन्दशहर की एक मीटिंग जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव  की अध्यक्षता में की गई ,जिसका संचालन कौशल किशोर जिला उपाध्यक्ष द्वारा किया गया, जहां जिलाध्यक्ष द्वारा कहा गया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 18मई, 2021 को जारी प्रेस विज्ञप्ति हैरत से भरा और चौकाने वाला है, जबकि विगत वर्ष कोरोना काल, 2020 पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा पीएम/सीएम केयर फण्ड और जिलाधिकारी राहत कोष में बेसिक के शिक्षकों ने आर्थिक सहयोग के रूप में धन दिया था। इस कोरोना काल में शिक्षकों ने अपनी जान पर खेलकर चुनाव सम्पन्न कराए, मगर सरकार इस ओर नहीं सोच रही है।
वहंी जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रशिक्षण से लेकर चुनाव सम्पन्न कराने तक हजारों की संख्या में शिक्षक कोरोना से संक्रमित हुए और चुनाव सम्पन्न कराने के बाद 1621 की संख्या में बेसिक शिक्षकों की कोरोना से मृत्यु हुई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना से ग्रसित हुए चाहे उपचार के दौरान अस्पताल में मृत्यु हुई हो ,लेकिन मृत्यु पंचायत चुनाव में ड्यूटी देने से ही मानी जाएगी ,अगर वहां कोरोना से ग्रसित नहीं होते तो शिक्षक की मृत्यु भी नहीं होती। आज उनके साथ ये कैसा व्यवहार और कैसा न्याय हो रहा है? ये संवेदनहीन, अमानवीय व्यवहार है, जिससे मानवता और इंसानियत का कत्ल किया गया है। ये विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संवेदनहीनता और वास्तविकता से परे है। विभाग ने सिर्फ तीन शिक्षकों को ही कोरोना से मृत माना है। इससे पूरे प्रदेश का शिक्षक आहत हैं। उन परिवार पर क्या बीत रही होगी? जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है। वहंी जिला कोषाध्यक्ष ने बताया कि इसका संगठन हर स्तर पर विरोघ करेगा। संगठन की मांग है कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सभी मृतक शिक्षकों को एक करोड़ रुपये दिये जायें। संगठन किसी भी स्तर पर चुप नहीं बैठेगा। हजारों मृतक शिक्षक साथियों के बच्चों के हक के लिये उच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी जाएगी और इन परिवारों का हर स्तर पर न्याय दिलाकर रहेगी। मीटिंग में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ से सुरेंद्र यादव, बाबू सिंह, देवेंद्र शर्मा, कौशल किशोर, अरुण राठी आदि आदि उपस्थित रहे।

 200 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *