बसपा जिलाध्यक्ष आदि ने समर्थन देने के नाम पर एक प्रत्याशी से वसूले तीन लाख, फिर भी नहीं दिया समर्थन

बसपा जिलाध्यक्ष आदि ने समर्थन देने के नाम पर एक प्रत्याशी से वसूले तीन लाख, फिर भी नहीं दिया समर्थन

रकम नहीं देने पर दी आंदोलन की चेतावनी
बीएसपी बचाओ-दलाल भगाओ का दिया नारा
बुलन्दशहर।
वार्ड-38 से जिला पंचायत का चुनाव लड़ी समाजसेवी कुसुमलता गौतम ने पंचायत चुनाव में अपनी हार के लिये बसपा जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि पार्टी का समर्थन देने के नाम पर उक्त पदाधिकारियों ने उनसे पांच लाख की मांग की थी,उसने तीन लाख रूपये दे भी दिये और 50हजार की अतिरिक्त मांग की। जब बाकी रकम नहीं दी तो चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में बसपा जिलाध्यक्ष एव अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें पार्टी का समर्थन नहीं दिया, जिससे उनकी हार हुई है। रकम वापस मांगी तो नहीं दी। अब समाजसेवी एवं उनके समर्थकों ने बीएसपी बचाओ-दलाल भगाओं का नारा देकर उनके विरूद्ध आंदोलन करने की चेतावनी दी है।जब उक्त प्रकरण में बसपा जिलाध्यक्ष से बातचीत करने की कोशिश की तो उनके फोन की घंटी बजती रही, मगर फोन नहीं उठाया।
विगत दिवस बसपा के सक्रिय कार्यकर्ताओं की बैठक का आयोजन बसपा नेत्री एवं समाजसेवी कुसुमलता गौतम के आवास पर सतीश चंद गौतम की अध्यक्षता एवं अमित कुमार के संचालन में सम्पन्न हुई। बैठक में बसपा जिलाध्यक्ष एवं बुलन्दशहर के मुख्य सेक्टर प्रभारियों को तत्काल हटाने की मांग की गई। बैठक में सर्व सम्मति से कहा गया कि बसपा जिलाध्यक्ष सतीश सागर, कमल राजन एवं यशपाल ंिसंह गुरूजी जैसे नेताओं के हाथ में पार्टी की कमान रहेगी, तब तक बसपा बुलन्दशहर में नहीं जीतेगी और इन लोगों को पंचायत चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेकर स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि इन लोगों ने ऐसा नहीं किया तो ऐसे लोगों को पार्टी से हटाने के लिये आंदोलन किया जायेगा। बैठक को संबोधित करते हुए बसपा नेता एवं समाजसेवी कुसुमलता गौतम ने कहा कि पंचायत चुनाव में जिला पंचायत पद के लिए 52वार्डो में उम्मीदवार चयन हेतु बड़े पैमाने पर पांच लाख से दस लाख रूपये लेकर समर्थन घोषित किये और इन शीर्ष नेताओं द्वारा धन उगाही की बहस छेड़ी कि जो ज्यादा पैसे देगा, समर्थन उसी को दिया जायेगा। साथ ही बताया कि इन तीन नेताओं के साथ-साथ कुछ नेता ऐसे रहे, उन्होंने भी पैसा लेकर काम नहीं किया। और इनका आलम यह रहा कि यदि एक सेक्टर प्रभारी समर्थन कर रहा है तो दूसरा उसका विरोध, इसी कारण से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनपद की स्थिति खराब रही। यदि ऐसा ही पार्टी के नेताओं का रवैया रहा तो साल, 2022 में एक भी विधायक (एमएलए) जीत नहीं पायेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड संख्या-38 पर जिला यूनिट द्वारा भी पार्टी फण्ड के नाम पर तीन लाख जमा करा लिए और 50हजार रूपये की मांग करने लगे और न देने पर जिला यूनिट के जिलाध्यक्ष एवं अन्य दो सेक्टर प्रभारियों द्वारा मुझे हराने का काम किया, जबकि मेेरा सारा जीवन बसपा को समर्पित रहा हैै और पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुद्दीन राईन एवं जिलाध्यक्ष आदि द्वारा मेरा दिया गया तीन लाख रूपये भी वापस नहीं किये गये। इसी प्रकार से सारे वार्डो पर इनके द्वारा पार्टी के जिम्मेदार व समर्पित कार्यकर्ताओं को हराने का काम किया गया है। ऐसे लोगों को जो पार्टी को हराने का काम कर रहे हैं, इन्हें पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं। इनकी शिकायत बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती से की जायेगी। फिर भी यदि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहंी हुई तो बहुजन समाज हित में इनका पुतला दहन कर विरोध किया जायेगा। इस अवसर पर सतीश चंद गौतम, अमित कुमार, कुसुमलता गौतम,वेद प्रकाश गौतम, चन्द्रसैन, राहुल, शशांक गौतम,बबलू गौतम, शमशुद्दीन, आसिफ व पंकज आदि ने अपने-अपने विचार रखे।

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