प्रदूषण विभाग, वन विभाग, जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से आनंदा डेयरी ने पौधे लगाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

प्रदूषण विभाग, वन विभाग, जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से आनंदा डेयरी ने पौधे लगाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

पेड़-पौधे जीवंत शक्ति से भरपूर व प्रकृति के अनुपम उपहार
बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पौधारोपण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है-राधेश्याम दीक्षित
बुलन्दशहर
। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश पर दिनांक 4-6-2021 को आनन्दा डेयरी ने स्याना के आसपास के गांव और फैक्ट्री परिसर के आसपास लगभग 800 पौधे रोपित कर पौधारोपण किया गया। इस दिवस पर आनंदा डेयरी ने सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के फैक्ट्री एवं ग्रामीण क्षेत्र में संचालित दुग्ध अवशीतन केन्द्रों पर प्रदूषण विभाग ,वन विभाग ,जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से जगह-जगह लगभग 5000 पौधे गॉव-गांव में पौधारोपण कर जागरूक किया, साथ ही पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।
आनंदा कम्पनी के चेयरमैन राधे श्याम दीक्षित ने कहा कि पर्यावरण पर बड़ी-बड़ी बातें करने से पहले हमें कुछ आदतें अपनानी होंगी व उनका पालन करना होगा, क्योंकि स्थितियां बदलने की सबसे अच्छी शुरुआत स्वयं से होती है। उन्होंने आगे ये भी कहा कि की पेड़-पौधे जीवंत शक्ति से भरपूर प्रकृति के ऐसे अनुपम उपहार हैं ,जो सभी को प्राणवायु ऑक्सीजन तो देते ही हैं, पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखते हैं। इतना ही नहीं वास्तुदोष निवारण में, बीमारियों को ठीक करने में एवं उत्तम स्वास्थ्य संरक्षण में वृक्ष-वनस्पतियों का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता हैं। स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो बढ़ते हुए प्रदूषण को रोकने के लिए वृक्षारोपण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, इन्हें लगाना हमारे लिए हर हाल में लाभकारी हैं। पेड़ों द्वारा बनाने वाली ऑक्सीजन के कारण ही हम जिं़दा रहते हैं। भारत में इस समय कोरोना महामारी का कहर जारी है। ऑक्सीजन की कमी कई मरीजों की मौत की वजह बन रही है। ऐसे हालातों में सभी को ये बात समझनी चाहिए कि पर्यावरण का संरक्षण ही हमारे जीवन का सुरक्षा कवच है। इस मौके पर हमें पर्यावरण की सुरक्षा और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लेना चाहिए और आनंदा परिवार इसके लिये वचनबद्ध है। घर के आसपास पौधारोपण करें। इससे आप गर्मी, भूक्षरण, धूल इत्यादि से बचाव तो कर ही सकते हैं, पक्षियों को बसेरा भी दे सकते हैं, फूल वाले पौधों से आप अनेक कीट-पतंगों को आश्रय व भोजन दे सकते हैं।

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