पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर सीएमओ ने निजी अस्पतालों को दिए, जबकि सरकारी अस्पताल तोड़ रहे हैं दम

पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर सीएमओ ने निजी अस्पतालों को दिए, जबकि सरकारी अस्पताल तोड़ रहे हैं दम

मथुरा। सरकारी अस्पतालों की अनदेखी करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनप्रतिनिधियों की मंशा के विपरीत पीएम केयर्स फंड से आए वेंटिलेटर निजी अस्पतालों को दे दिए, जबकि सरकारी अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। हाल ही में हुए एक वर्चुअल मीटिंग में अधिकारियों द्वारा इस बात का खुलासा किया गया तो जिले के मंत्री और विधायक हक्के बक्के रह गए और निजी अस्पतालों से वेंटिलेटरों को वापस करने को कहा गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की निजी अस्पतालों से साठगांठ सामने आने के बाद जनप्रतिनिधयों ने निजी अस्पतालों पर मरीजों से अनाप-सनाप धन ऐंठने पर कार्रवाई करने की मांग की है।
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में जांच करा रहे हैं और दोषी लोगों के खिलाफ हर संभव कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को सांसद हेमा मालिनी, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह ,विधायक ठा0 कारिंदा सिंह ,विधायक पूरन प्रकाश, के साथ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं एवं गेहूं खरीद केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ,एसएसपी डॉ0 गौरव ग्रोवर मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 नितिन गौड़ सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं सीएमओ डॉ0 रचना गुप्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधिकारी आदि की एनआईसी में जूम मीटिंग में सम्मिलित हुए। इस मीटिंग में जनप्रतिनिधियों ने जानकारी चाही कि पीएम केयर्स फंड से मथुरा आए वेंटिलेटर की क्या स्थिति है?जिस पर सीएमओ ने बताया कि वह तत्कालीन सीएमओ द्वारा एक निजी मेडिकल कॉलेज को दे दिए गए। यह जानकर सभी जनप्रतिनिधि हक्के बक्के रह गए। मीटिंग में तय हुआ कि वेंटिलेटर तत्काल वापस लिए जाएं। सांसद हेमा मालिनी ने मीटिंग में कहा कि वेंटिलेटर ओपरेट करने के लिए नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षित करने की बहुत आवश्यकता है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए अभी से पूर्ण व्यवस्था किया जाना बहुत आवश्यक है। यदि प्रशासन को किसी चीज की आवश्यकता हो तो वह लिखित में अवगत करा दें। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ,विधायक कारिंदा सिंह और पूरन प्रकाश ने गेहूं खरीद की व्यवस्थाओ को ठीक करने के लिए डीएम से कहा। बताया गया कि खरीद केंद्र पर बोरी न होने का बहाना कर किसान परेशान किए जा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि वह गेहूं खरीद केंद्र की व्यवस्था अब स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ये जूम मीटिंग प्रत्येक सोमवार को पूर्वान्ह 11 बजे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुआ करेगी।

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