परमार्थ निकेतन आये युवा अजेय के संस्थापक अमिताभ शाह और रश्मि शाह

परमार्थ निकेतन आये युवा अजेय के संस्थापक अमिताभ शाह और रश्मि शाह

स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया
युवा सशक्तिकरण एवं उत्तराखंड के कुछ विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने के विषय में हुई चर्चा
जीवन का उद्देश्य है जीवन में उद्देश्य हो – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश/हरिद्वार। परमार्थ निकेतन में प्रतिभाशाली युवा, प्रेरणादायी वक्ता और युवा अजेय के संस्थापक अमिताभ शाह और रश्मि शाह आये और उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया। स्वामी जी ने उनसे युवा सशक्तिकरण एवं उत्तराखंड के कुछ विद्यालयों को ‘स्मार्ट स्कूल’ बनाने के विषय में विस्तृत चर्चा की। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि अमिताभ शाह आत्म-विश्वास से भरे प्रेरणादायक वक्ता हैं जिन्होंने अपनी मातृभूमि के उत्थान और अपने राष्ट्र के युवाओं को शिक्षित करने में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं। स्वामी जी ने कहा कि कर्मयोग की जीवन का सार है। जीवन का उद्देश्य ही यह है कि जीवन में एक श्रेष्ठ उद्देश्य हो। बिना उद्देश्य का जीवन ऐसे है जैसे बिना जल के नदी और बिना पैसे का बैंक वैसे ही बिना उद्देश्य के जीवन कैसा? युवावस्था में समाज के लिये जीवन समर्पित करना आन्तरिक ईमानदारी और निष्ठा से ही सम्भव हो सकता है। स्वामी जी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को शिक्षा के साथ एक ऐसे कौशल की जरूरत है जिससे वे अवसरों का लाभ उठा सकें। शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभवों पर आधारित प्रशिक्षण देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारत का युवा जीवंत, जाग्रत और ऊर्जावान होने के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम और समर्पित है परन्तु उसे सही मार्गदर्शन की जरूरत है। युवाओं में व्यक्तित्व और नेतृत्व करने वाले गुणों का विकास करना  तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। हमारी शिक्षा का उद्देश्य युवाओं की पूर्ण क्षमताओं को हासिल करने के लिये उन्हें सशक्त बनाना होना चाहिये इससे ‘न्यू इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार की जा सकती है। अमिताभ शाह ने समाज के पिछड़े युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिये  वर्ष 2005 में ‘युवा अजेय’ की स्थापना की और आज यह संगठन 100 से अधिक राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय शीर्ष कॉरपोरेट्स के साथ मिलकर देश के 1,800 सरकारी स्कूलों में 700,000 कम-विशेषाधिकार प्राप्त बच्चों के लिये कार्य कर रहा है। उन्होंने कई राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफार्मों और राउंडटेबल कॉन्फ्रेन्स में प्रेरणादायी उद्बोधन दिये। परमार्थ गंगा तट पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अमिताभ शाह और रश्मि शाह युवा युगल का रूद्राक्ष का  पौधा देकर अभिनन्दन किया। स्वामी जी के पावन सान्निध्य में शाह युवा युगल ने विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया।

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