दो दिल मिल रहे हैं मगर चुपके चुपके….

दो दिल मिल रहे हैं मगर चुपके चुपके….

नगर के तेल एवं किराना व्यवसाइ का विवाद हुआ खत्म ,गिले शिकवे हुए दूर…
डिबाई/बुलन्दशहर
। विगत काफी समय से चले आ रहे दो बड़े व्यापारियों की वैमनस्यता अब लगभग समाप्त हो गयी है। जिसके चलते किराना व्यापारी की सभासद पत्नी द्वारा स्थानीय पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र के निस्तारण हेतु एक समझौता पत्र प्रभारी निरीक्षक डिबाई को दिया गया है। जिसके बाद दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे से दिल मिला लिए है।
जानकारी के अनुसार विगत माह में एक चर्चित तेल व्यापारी के यहां खाद्य विभाग एवं एसडीएम डिबाई द्वारा छापेमारी की गई थी, जिसमें शिकायतकर्ता के तौर पर नगर के एक किराना व्यापारी का नाम दृष्टिगत हुआ था। सूत्रों की माने तो दोनों में हुए एक मामूली से विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि दोनों पक्षांे ने एक दूसरे के विरुद्ध अलग-अलग विभागों में शिकायतें की थी। परन्तु मामले की स्थिति एवं गम्भीरता को समझते हुए नगर के ही कुछ गणमान्य व्यापारियों एवं नागरिकों ने मध्यस्थता कर दोनांे व्यापारियों के बीच सुलह समझौता करा दिया। हालांकि इस छापेमारी की खबर में उक्त विवाद का जि़क्र करते हुए दर्पण टाइम्स समाचार पत्र ने इस प्रकरण को प्रकाशित किया था। जिसके बाद दोनों ही पक्षो ने बड़ा दिल रखते हुए सभी का मान सम्मान रखा है। अब इसे दर्पण टाइम्स समाचार पत्र की सकारात्मक पहल कहें या दोनों ही पक्षों पर ईश्वर की कृपा, परन्तु सत्य एवं निष्कर्ष ये ही है कि समाज के बड़े आदर्श स्तम्भांे ने एक सरल एवं सकारात्मक हृदय का परिचय दिया है। कहते हैं कि जैसे किसान दिन-रात मेहनत करके शीत -ताप में खुद को झोंककर अन्न उगाता है और अन्न दाता कहलाता है। ठीक वैसे ही व्यापारी भी अपना पैसा लगाकर, मजदूर की तर्ज पर मेहनत करके, दिसावर में धक्के खाकर, कोरोना एवं लॉकडाउन जैसे माहौल में पुलिस एवं प्रशासन से प्रताडि़त होकर भी आम जनमानस को खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर जन सेवा करता है। इसलिए यदि देश का किसान विशिष्ट सम्मान का अधिकारी है तो ठीक उसी श्रेणी में व्यापारी भी पूर्ण सम्मान का अधिकारी है। बशर्ते कि वो सिर्फ सरल हृदय एवं ईमानदार व्यापारी ही हो न कि…..

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