तीसरी लहर से पूर्व ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की तीसरी खेप परमार्थ निकेतन पहुंची

तीसरी लहर से पूर्व ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की तीसरी खेप परमार्थ निकेतन पहुंची

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप के बाद नये डेल्टा प्लस वेरियंट के खतरे को देख शुरू की तैयारी
ऋषिकेश/हरिद्वार।
परमार्थ निकेतन में ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की तीसरी खेप पंहुची। कोरोना वायरस के दूसरी लहर के प्रकोप और मानवता को पहुँची अपार क्षति के पश्चात नये डेल्टा प्लस वेरियंट के खतरे को देखते हुये ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर अन्य जीवन रक्षक दवाईयों की तीसरी खेप परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंची। ज्ञात हो कि पहले भी ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर और जीवन रक्षक दवाईयां यमकेश्वर ब्लॉक के अन्तर्गत आने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र यमकेश्वर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र किमसार, लक्ष्मण झूला, द्वियूली, भरपूर बनचूरी, हीराखाल और भृगुखाल चिकित्सालयों के लिये ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर और यमकेश्वर ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांवों के लिये भेंट किये गये ताकि ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को और सशक्त बनाया जा सके।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारत में कोरोन वायरस की दूसरी लहर के कारण भारत में जन और जीवन अत्यधिक प्रभावित हुआ है। अब तीसरी लहर के कयास लगाये जा रहे है। साथ ही भारत के कुछ राज्यों में नये डेल्टा प्लस वेरियंट के मामले देखने को मिल रहे है ,ऐसे में हम सभी को मिलकर देश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक दुरस्त करने हेतु प्रयास करने होगे।  भारत में कोरोना महामारी की शुरूआत से ही परमार्थ निकेतन द्वारा संतों और निराश्रितों के लिये शुद्ध एवं सात्विक भोजन और शुद्ध जल, मास्क, सेनिटाइजर और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की जा रही है।
परमार्थ निकेतन में प्रतिदिन विश्व शान्ति हेतु हवन और प्रार्थना की जा रही है अगर कोरोना वायरस की तीसरी लहर आती है तो उसके लिये सभी को पहले से ही तैयार रहना होगा। स्वामी जी ने कहा कि अपना और अपनों का वैक्सीनेशन करवा लें ,कोविड -19 की गाइडलाइन का पालन करते रहें। बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुये कहा कि उन्होंने राष्ट्र गीत ’’वंदे मातरम’’ की रचना कर एक अनुपम भेंट भारत को सौंपी जिसे सदियों तक याद किया जायेगा। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के दौरान ‘वन्दे मातरम्’ गीत क्रांतिकारियों की प्रेरणा का स्रोत रहा। भाषायी साहित्य को आगे बढ़ाने हेतु अद्भुत योगदान देने वाले श्री बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय जी को भावभीनी श्रद्धाजंलि।

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