जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जिले में रोपे जाने वाले धान के संबंध में दी जानकारी

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जिले में रोपे जाने वाले धान के संबंध में दी जानकारी

बुलन्दशहर। जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमर पाल ने बताया कि जनपद बुलन्दशहर में धान के कुल क्षेत्रफल के 90 प्रतिशत क्षेत्रफल में सुगन्धित धान की प्रजाति बोई जाती है। सुगन्धित प्रजाति प्रायः कीट/रोग के प्रति ग्राही होने के कारण फसल में कीट/रोगों के बढ़ने की संभावना बनी रहती है। विगत वर्षों में जनपद में बकानी रोग का प्रकोप देखा गया है, जो फ्यूजेरियम नामक फफूंदी द्वारा होता है। इसमें रोगग्रस्त पौधे सामान्य की अपेक्षा अधिक तेजी से लम्बे बढ़ते है, तथा रंग पीलापन लिये होते हैं। कुछ समय बाद इस प्रकार के पौधे सूख जाते हैं। इस रोग से बचाव हेतु नर्सरी लगाते समय कृषक हित में जानकारी निम्नानुसार है-धान की नर्सरी लगाते समय ,ऐसे खेत के बीज का प्रयोग करें जिसमें पहले बकानी रोग न लगा हो। नर्सरी लगाते समय बीज को कार्बेन्डाजिम-50-डब्ल्यूपी की 2ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम बीज की दर से या थीरम -3 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से या ट्राईकोडरमा हरजीनियम-2 प्रतिशत की 4 से 5 ग्राम मात्रा को प्रति किलोग्राम बीज की दर से मिलाकर बीज उपचारित कर लिया जाये। नर्सरी में रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेन्डाजिम 12 प्रतिशत एवं ़मैंकोजेब 63 प्रतिशत डब्ल्यूपी की, 2 से 2.5 ग्राम मात्रा प्रति किलोग्राम रेत मे मिलाकर नर्सरी में बुरकाव किया जाये। ध्यान रहे कि बुरकाव के समय नर्सरी में 3 से 4 सेंमी ऊँचाई तक भरा हुआ होना चाहिए। पौध की रोपाई करने से पूर्व पौध की गुच्छियाँ/बन्डलों की जडों को कार्बेन्डाजिम 12 प्रतिशत एवं ़मैंकोजेब 63 प्रतिशत डब्ल्यूपी के 2 से 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल मे 1 घण्टा डुबोकर रखे। पौध रोपने से पूर्व खेत की तैयारी के समय जैविक रसायन ट्राईकोडरमा हरजीनियम-2 प्रतिशत की 1 किग्रा० मात्रा एवं स्यूडोमोनास की 0.5 किलोग्राम मात्रा को 50 किलोग्राम गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर तथा एक सप्ताह तक छाया में रखने के बाद सुबह या शाम के समय जुताई द्वारा खेत में मिलाकर भूमिशोधन किया जाए।

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