जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक समेत कई अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जांच के आदेश दिये

जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक समेत कई अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही एवं जांच के आदेश दिये

आयोग ने संबंधित अधिकारियों को उपभोक्ता की कुल हड़पी गयी रकम मय ब्याज, वादव्यय एवं मानसिक क्षतिपूर्ति के दिए आदेश
बुलन्दशहर।
मंगलवार को स्टेट बैंक बुलन्दशहर के मुख्य प्रबन्धक सहित कई अधिकारियों को न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग ने दण्डित किया है। वित्त सचिव न एसबीआई चेयरमैन को रकम वसूली के साथ ही विभागीय दण्डत्मक कार्यवाही एंव जॉच के आदेश दिये गये है।
न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग, बुलन्दशहर के पीए शेखर वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवादी मुजीब अहमद निवासी मौहल्ला कोठी कस्बा स्याना, जनपद बुलन्दशहर एक विकलांग व्यक्ति है। उसने
भारतीय स्टेट बैंक स्याना में बचत खाता संख्या-30423521260 खुलवाया और उस पर बैंक ने एटीएम कार्ड संख्या 5596010001990876 जारी किया, जिसकी लिमिट 40,000रूपये थी। परिवादी ने दिनांक 30-04-2014 को उसकी लिमिट बढ़ाने के लिए आवेदन किया ,लेकिन विपक्षी एसबीआई के डीजीएम नोएडा व एसबीआई की स्याना शाखा के प्रबन्धक ने फर्जी तरीके से साज करके परिवादी के एटीएम कार्ड को मय गुप्तकोड धोखाधड़ी करने की नीयत से गलत पते पर गाजियाबाद में किसी अन्य व्यक्ति को फर्जी तरीके से प्राप्त करा दिया। एसबीआई के अधिकारियों की मिलीभगत से परिवादी के खाते से दिनांक 08-05-2014 को 50,000रूपये एवं दिनांक 09-05-2014 को 50,000रूपये निकाले गये ,जिसकी सूचना पर परिवादी ने तत्काल अपने बैंक खाते पर रोक लगवायी और दिनांक 10-5-2014 को उसने शाखा स्याना में जाकर बैंक प्रबन्धक से सम्पर्क किया ,तब बैंक प्रबन्धक ने उससे एक फॉर्म भरवाया। परिवादी ने इस मामले में थाना स्याना में एक मु0अ0सं0-169/2014 भी दर्ज कराया। विकलांग परिवादी इसके बाद एसबीआई स्याना के प्रबन्धक से अनेकों बार मिला और उसके खाते से फर्जी तरीके से निकाले गये 1,00000रूपये की वापसी की मांग की ,लेकिन जब उसकी नहीं सुनी गयी तब उसने बुलन्दशहर मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक में कई बार आकर बैंक के मुख्य प्रबन्धक को अपना पूरा प्रकरण बताया और उनसे मदद की गुहार लगायी ,लेकिन मुख्य प्रबन्धक ने भी उसकी कोई मदद नहीं की और उसको बार-बार टालते यह कह दिया कि वह कहीं भी जाकर केस कर ले ,उनका कुछ नहीं होगा।
न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग, बुलन्दशहर के अध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह एंव सामान्य सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह माना। इस मामले में परिवादी मुजीब अहमद ने जो एटीएम के लिए स्टेट बैंक स्याना में आवेदन किया था, वह एटीएम उसको प्राप्त नहीं हुआ, बल्कि उस एटीएम को स्टेट बैंक स्याना के प्रबन्धक व स्टेट बैंक नोएडा के डीजीएम ने फर्जी तरीके से गाजियाबाद में किसी अन्य व्यक्ति को प्राप्त करा दिया और धोखे से परिवादी के खाते से 1,00000रूपये साज करके निकाल कर हड़प लिये। परिवादी ने पता चलने पर स्टेट बैंक स्याना में अपने खाते पर रोक लगवाकर शिकायतें की ,लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई ,तब वह मुख्य प्रबन्धक स्टेट बैंक बुलन्दशहर से भी मदद के लिए कई बार मिला ,लेकिन मुख्य प्रबन्धक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा बुलन्दशहर द्वारा भी बार-बार टाल दिया गया और परिवादी को धमकाकर भगा दिया जबकि मुख्य प्रबन्धक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा बुलन्दशहर को विकलांग परिवादी की इस मामले में मदद करनी चाहिये थी ,क्योंकि मुख्य प्रबन्धक ही बुलन्दशहर जिले में भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य अधिकारी है। इस प्रकार मुख्य प्रबन्धक, भारतीय स्टेट बैंक, मुख्य शाखा बुलन्दशहर द्वारा अपने कर्तव्य एंव दायित्वों का सही रूप से निर्वहन नहीं किया गया है।
इस मामले में न्यायालय जिला उपभोक्ता आयोग, बुलन्दशहर के अध्यक्ष चन्द्रपाल सिंह एवं सामान्य सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने बैंक अधिकारियों को दोषी एंव जिम्मेदार पाते हुए परिवादी के खाते से एटीएम से फर्जी तरीके से निकाले गये 1,00000रूपये को निकासी की तिथि 10-05-2014 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक व्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक क्षतिपूर्ति हेतु 10,000रूपये एवं वाद व्यय हेतु 5000 रूपये भी देने का आदेश दिया है और नियत तिथि तक भुगतान न करने पर उस समस्त धनराशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने का आदेश दिया है। आयोग ने उपभोक्ताओं के अधिकारों को संरक्षित करने व एटीएम से सम्बन्धित धोखाधड़ी रोकने के लिए दिशा-निर्देश देने एंव स्टेट बैंक नोएडा के डीजीएम. व स्टेट बैंक बुलन्दशहर के मुख्य प्रबन्धक एवं स्टेट बैंक स्याना के प्रबन्धक को मुख्य रूप से दोषी एंव जिम्मेदार मानते हुए उनके विरूद्व विभागीय दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने एंव जॉच कराये जाने हेतु वित्त सचिव भारत सरकार नई दिल्ली, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन मुम्बई एंव स्टेट बैंक के मुख्य महा प्रबन्धक दिल्ली को आदेश भेजा है।

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