जिलाधिकारी ने रिकवरी हेतु आरसीएमएस सॉफ्टवेयर कराया तैयार

जिलाधिकारी ने रिकवरी हेतु आरसीएमएस सॉफ्टवेयर कराया तैयार

बुलन्दशहर। विभिन्न विभागों से प्राप्त रिकवरी सर्टिफिकेट्स को कलेक्ट्रेट कार्यालय में उपलब्ध कराया जाता है, जिसको सम्बन्धित पटल सहायक द्वारा वर्ष वार रजिस्टर में इन्द्राज कर सम्बन्धित तहसील को भेज दिया जाता है। सम्बन्धित तहसील पर पटल सहायक प्राप्त रिकवरी सर्टिफिकेट्स  को संग्रह अमीन सर्किल वार छांट कर सम्बन्धित संग्रह अमीनों को उपलब्ध करा देते है, जिसके आधार पर तहसील के बडे बकायेदारों की सूची तैयार होती है एवं संग्रह अमीन, नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार द्वारा निर्धारित अवधि में वसूली से सम्बन्धित कितना कार्य किया गया है।इसका आंकलन किया जाता है। इस प्रक्रिया में जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा समीक्षा करने पर तत्समय वास्तविक कार्य एवं बकायेदारों की अद्यावधिक सूचना मिलने में विलम्ब होता है एवं सूचना के लिये तहसील पर निर्भर रहना पड़ता है।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने पहल करते हुए आरसीएमएस सॉफ्टवेयर तैयार कराया ,जिसमें उक्त प्रक्रिया को पूरी तरह से आटोमैटिक किया गया है। कलेक्ट्रेेट स्तर पर प्राप्त  रिकवरी सर्टिफिकेट्स को पटल सहायक द्वारा अपने एकाउण्ट से फीड करंे सम्बन्धित तहसील को आनलाइन मार्क कर दिया जाता है तथा सम्बन्धित तहसील के पटल सहायक द्वारा प्राप्त रिकवरी सर्टिफिकेट्स को सम्बन्धित अमीन को मार्क कर दिया जाता है। इस प्रकार सॉफ्टवेयर द्वारा किसी भी समय तहसील स्तर की मांग एवं वसूल को जिला कलेक्टर द्वारा चेक किया जा सकता है। उक्त साफ्टवेयर के माध्यम से तहसील स्तर के बड़े बाकीदार एवं जिला स्तर के बाकीदार की सूची हर समय अद्यावधिक रहती है तथा जिलाधिकारी द्वारा इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संगह अमीन द्वारा माह में वसूली के कार्य की प्रगति की समीक्षा की जाती है। रविन्द्र कुमार की इस अनूठी पहल को स्कॉच गु्रप द्वारा जिला प्रशासन बुलन्दशहर को हैस स्कॉच क्रूसिबिल अवार्ड, 2020 दिया गया है।

 318 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *