जिलाधिकारी ने राजघाट में गंगा की धारा से कटान को रोकने को कराये गये कार्यो का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने राजघाट में गंगा की धारा से कटान को रोकने को कराये गये कार्यो का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सिंचाई विभाग द्वारा घाट के आसपास 800 मीटर लंबाई में नीचे रेत के कट्टे एवं पत्थर आदि लगाकर कटान रोकने की व्यवस्थायें की गई
बुलन्दशहर।
डिबाई तहसील क्षेत्रान्तर्गत गांव राजघाट पर गंगा की धारा से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराये गए कार्यो का जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए जायजा लिया। विगत वर्ष गंगा कटान होने से गांव में नुकसान होने पर इस वर्ष गंगा की धारा के अपर स्ट्रीम से कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा घाट के आसपास लगभग 800 मीटर लंबाई में नीचे रेत के कट्टे एवं पत्थर आदि लगाकर कटान रोकने की व्यवस्थायें की गई है। जिलाधिकारी द्वारा मोटर वोट से गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे तक निरीक्षण करते हुए गंगा की धारा से कटान संभावित क्षेत्र का जायजा लिया। विगत वर्ष जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान निर्देशित किये जाने पर सिंचाई विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए लकड़ी के स्टड बनाये जाने से गंगा के बहाव का डायवर्जन हो जाने से उसके उपरांत कटान नहीं हुआ था, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा वर्तमान में उससे पीछे से कटान रोधी कार्य कराया गया है। स्थानीय निवासियों द्वारा बताया गया कि यह परियोजना अपने निर्धारित स्थल से लगभग 180 मीटर पीछे की ओर से बनायी गयी है, जबकि गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर आगे की ओर गंगा नदी से नाला निकलता है ,जो गांव के पास ही गंगा नदी के तट के समीप समाप्त होता है। भविष्य में गंगा में जल बढ़ने की दशा में इस नाले में पानी आने से परियोजना के कार्य को पीछे से कटान होकर बहने की संभावना बनी हुई हैं। जिलाधिकारी द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विगत वर्ष किये गए स्टड कार्य की तरह और ऊपर की तरफ नया स्टड बनाया जाए ,जिससे नदी के बहाव का डायवर्जन कर कटान की सम्भावना से बचा जा सके। जिलाधिकारी द्वारा गंगा घाट पर अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ क्षेत्र में विद्युत के जर्जर तारों एवं खराब पोल को बदलवाते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करायी जाए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में मौसमी बीमारियों से संबंधित आवश्यक दवाओं एवं एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। बीडीओ को निर्देशित किया गया कि गांव में साफ-सफाई, स्वच्छता, फॉगिंग आदि कार्यो को कराया जाए। साथ ही राजघाट चौराहा पर पानी भराव की समस्या के दृष्टिगत नाला बनवाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राजघाट में नदी के आस-पास के गांव के सम्पर्क मार्गो को गडढामुक्त रखा जाए ताकि आने-जाने की कोई समस्या उत्पन्न न हो। उपजिलाधिकारी डिबाई द्वारा बताया गया कि सम्भावित बाढ़ के दृष्टिगत सिंचाई विभाग के इंटर कॉलेज को बाढ राहत शिविर के रूप में चिन्हित कर लिया गया है, जिसमें ठहरने से संबंधित समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं यथा विद्युत, शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई आदि को सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ क्षेत्रों में समुचित व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करायी जाए। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी डिबाई मोनिका सिंह, तहसीलदार डिबाई सहित अधिशासी अभियंता सिंचाई, बीडीओ, विद्युत, पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे

 98 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *