जिलाधिकारी ने नगर निकायों में कराये जाने वाले प्रस्तावित विकास कार्यो तथा क्रय की जाने वाली अनुरक्षण सामग्री के आगणन/प्रस्तावों के संबंध में बैठक कर दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने नगर निकायों में कराये जाने वाले प्रस्तावित विकास कार्यो तथा क्रय की जाने वाली अनुरक्षण सामग्री के आगणन/प्रस्तावों के संबंध में बैठक कर दिए निर्देश

बरसात से पूर्व निकायों में बने ड्रेनेज की ड्राइंग से भौतिक सत्यापन किया जाए
बुलन्दशहर।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 15वे वित्त आयोग अंतर्गत नगर निकायों में कराये जाने वाले प्रस्तावित विकास कार्यो तथा क्रय की जाने वाली अनुरक्षण सामग्री के आंगणन/प्रस्तावों के संबंध में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई। बैठक में नगर निकायों द्वारा प्रस्तुत किए गए विकास कार्य के प्रस्ताव पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने निकायवार प्रस्तावों की विस्तृत रूप से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सर्वप्रथम यह सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया जाए कि उनके नगर पालिका क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में कूड़ा जमा करने हेतु डस्टबिन उपलब्ध है और कहीं भी खुले में कूड़ा नहीं रखा जा रहा है। पूरे नगर निकाय क्षेत्र में कही पर भी कच्ची नाली या कच्चा सड़क है तो वहाँ पर प्राथमिकता पर नाली या खरंजा सड़क की कार्यवाही की जाएगी, इसके बाद ही इंटलॉकिंग हेतु प्रस्ताव दिया जाएगा। साथ ही नगर पालिका एरिया में आवयश्कता अनुसार आवश्यक कार्यो के प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाए। जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त ईओ को निर्देशित किया गया कि बरसात से पूर्व नगर निकायों में बने ड्रेनेज की ड्राइंग से भौतिक सत्यापन किया जाए कि सब ड्रेनेज जल बहाव के लिए खुले हैं और कहीं भी जाम या चोकिंग नहीं है, साथ ही नाले चोक होने की दशा में साफ-सफाई का कार्य कराया जाए। नालों पर अवैध कब्जा है तो उसे हटवाते हुए सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए ,जिससे बरसात के समय जल भराव की समस्या उत्पन्न न हो सके। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। नगर निकायों के एप्रोच रोड के दोनों ओर साफ-सफाई कराते हुए कूड़ा हटवाया जाए। नगर निकाय में जगह-जगह पर डस्टबिन स्थापित कराये जाए ,जिससे लोगों द्वारा कूड़ा उसमें डाला जा सके। यदि इसके उपरांत भी किसी व्यक्ति द्वारा कूड़ा बाहर फेंका जाता है तो उसके विरुद्ध नगर पालिका अधिनियम-1916 में दी गयी व्यवस्थानुसार कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही नगर निकायों में कोविड महामारी के समय में जो सामान क्रय किया गया है, उसे रजिस्टर में दर्ज किया जाए। साथ ही कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए सेनिटाइजेशन, व्यापक प्रचार प्रसार भी निरंतर कराया जाए। उक्त के अतिरिक्त यह भी निर्देशित किया गया कि समस्त अधिशासी अधिकारी अपनी-अपनी निकाय में सफाई कर्मचारियों के माध्यम से अवैध शराब बनाने/क्रय-विक्रय पर निगरानी करें। यदि किसी भी निकाय में अवैध शराब बनाने एवं क्रय-विक्रय किया जाना संज्ञान में आता है तो सम्बन्धित अधिशासी अधिकारी उसकी सूचना तत्काल अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को उपलब्ध कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रवींद्र कुमार सहित समस्त ईओ नगर एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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