जिलाधिकारी ने खुर्जा क्षेत्रान्तर्गत वन विभाग के चिन्हित पौधारोपण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी ने खुर्जा क्षेत्रान्तर्गत वन विभाग के चिन्हित पौधारोपण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

पौधों के सूखने पर कड़ी नाराजगी जताकर डीएफओ को स्पष्टीकरण देने के दिये निर्देश
लापरवाही पर वन क्षेत्राधिकारी खुर्जा का स्पष्टीकरण लेने एवं अग्रिम आदेशों तक वेतन रोके जाने के दिए निर्देश
बुलन्दशहर।
01जुलाई से 07 जुलाई तक चलाये जा रहे वन महोत्सव कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद बुलन्दशहर में 04 जुलाई को होने वाले वृहद पौधारोपण के दृष्टिगत पौधारोपण स्थलों पर गड्ढा खुदाई एवं पौधारोपण से संबंधित की गई व्यवस्थाओं की वास्तविकता परखने के लिए शनिवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने औचक रूप से तहसील खुर्जा क्षेत्रान्तर्गत वन विभाग के चिन्हित पौधारोपण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिलाधिकारी द्वारा सर्वप्रथम वन विभाग द्वारा इब्राहिमपुर जुनैदपुर (इ0जू0) उर्फ मौजपुर वन ब्लॉक के 10.0हैक्टेअर क्षेत्रफल में गड्ढा खुदान कराये जाने संबंधित कार्यो का जायजा लिया। मौके पर गड्ढा खुदान का कार्य होना पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा शनिवार को रोपित किये गये पौधों को चैक कर सत्यापित करने के उद्देश्य से गड्ढों से बाहर निकलवाकर गड्ढो में खाद एवं पानी दिये जाने का सत्यापन किया गया। रोपित किये गये पौधों में पानी नहीं दिया गया ,जिससे पौधों के सूखने की संभावना परिलक्षित हुई तथा मौके पर पौधों में पानी देने के लिए भी कोई भी व्यवस्था नहीं पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएफओ को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। वन विभाग के कर्मी द्वारा बताया गया कि पौधारोपण इस स्थल पर लगभग 20 हजार पौधें लगाये जाने के लिए गड्ढे खुदवाये गये हैं। इसमें 60 प्रतिशत बबूल के पौधे एवं 40 प्रतिशत अन्य किस्म के फलदार पौधों को रोपित कराया जायेगा। पौधारोपण हेतु चयनित स्थल ऊसर की भूमि होने के कारण बनवाये गये गडढों में भूमि को उपजाऊ बनाने हेतु जिप्सम भी डलवाया गया है ,किन्तु पानी नहीं दिये जाने के कारण रोपित किये जाने वाले पौधों के सूख जाने की प्रबल सम्भावना रहेगी। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए वन क्षेत्राधिकारी खुर्जा का स्पष्टीकरण लिये जाने तथा अग्रिम आदेशों तक वेतन रोके जाने के निर्देश भी दिये। इसके उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा वन विभाग की औरंगा वन ब्लॉक 1, 2, 3 में लगभग 30 हैक्टेअर भूमि पर पौधारोपण कराये जाने हेतु की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय रूप से जायजा लिया गया। पौधारोपण स्थल तक जाने हेतु सम्पर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने एवं पौधारोपण कार्यक्रम के दृष्टिगत चिन्हित स्थल तक आवागमन हेतु समुचित व्यवस्था न करने पर संबंधित रेंजर के विरूद्ध नाराजगी व्यक्त की गई। साथ ही औरंगा वन ब्लॉक-2 का निरीक्षण करते हुए मौके पर किये गये गड्ढों तथा पौधारोपण हेतु गड्ढो में खाद आदि डालने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी हासिल की गई। वन विभाग के कर्मी द्वारा बताया गया कि उक्त तीनों ब्लॉकों में 20-20 हजार गड्ढे खुदवाये जा चुके हैं। 04जुलाई को उक्त स्थलों पर पौधारोपण कराये जाने के लिए लगाये जाने वाले मजदूरों के संबंध में जानकारी हासिल किये जाने पर रेंजर द्वारा बताया गया कि कुल 50 मजदूर एक स्थल पर लगाये गये है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 20 हजार पौधारोपण किये जाने हेतु मात्र 50 मजदूर लगाये जाने पर तीनों स्थलों पर 150 मजदूरों द्वारा एक दिन में अधिकतम 15 हजार पौधें ही रोपित किये जा सकते हैं ,जिससे वृहद पौधारोपण अभियान के दिन में इन तीनों स्थलों पर लक्ष्य के अनुसार 60 हजार पौधें रोपित किया जाना सम्भव नहीं है। इस प्रकार डीएफओ द्वारा वृहद पौधारोपण के लिए अपने विभागीय स्तर से कार्यो/व्यवस्थाओं को गंभीरता से नहीं लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा पौधारोपण कराये जाने के कार्यो में लापरवाही बरतने पर डीएफओ गौतम सिंह, रेंजर खुर्जा सुन्दरपाल सिंह का वेतन रोकने के निर्देश दिये गये।साथ ही जिलाधिकारी द्वारा उक्त पौधारोपण स्थलों पर शत प्रतिशत पौधों की जीओ टैगिंग भी कराये जाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खुर्जा लवी त्रिपाठी, सीओ खुर्जा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खुर्जा नगर सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मी उपस्थित रहे।

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