जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आहूत की गई

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आहूत की गई

अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों का एंटीजन टेस्ट अवश्य किया जाये-डीएम
निजी अस्पताल संचालक मानवीय दृष्टिकोण से ईमानदारी एवं पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाते हुए मरीजों को उपचार दें-डीएम
सभी अस्पतालों में निर्धारित की गई दरों के आधार पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जायंे, अधिक दरों पर उपचार किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी
बुलन्दशहर।
कोविड-19 की संभावित तृतीय लहर की रोकथाम एवं बचाव के दृष्टिगत गुरूवार को जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आहूत की गई। बैठक में कोविड-19 की तृतीय लहर से बचाव एवं रोकथाम के लिए शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के संबंध में अस्पताल संचालकों को विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। जनपद मंे कोविड संक्रमण से बचाव के लिए की जा रही तैयारियों के संबंध में भी विस्तृत रूप से चर्चा की गई। सभी निजी अस्पताल के संचालकों को निर्देशित किया गया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का एंटीजन टेस्ट अवश्य किया जायें। साथ ही अस्पताल में मरीजों का उपचार करते हुए समय अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मियों द्वारा कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित किया जायें। संभावित लक्षण युक्त मरीजों को पृथक करते हुए तत्काल सेम्पलिंग करते हुए सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी जाये। अस्पताल में कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित कराये जाने के लिए साफ-सफाई, फेस मास्क, सेंपलिंग आदि की कार्यवाही के साथ ही मरीजों के लिए उचित व्यवस्था आदि की जाये। साथ ही निर्देशित किया गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन बैड, वंेटीलेटर बैड, ऑक्सीजन सिलेण्डर, सेम्पलिंग किट सहित उपलब्ध जीवनरक्षक दवाओं के संबंध में जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करायी जायें। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेण्डर एवं उपचारात्मक सामग्री की कमी होने पर तत्काल उसकी सूचना नोडल अधिकारी स्वास्थ्य विभा एवं कोविड कमाण्ड सेन्टर पर उपलब्ध करायी जायें ,जिससे समयबद्धता से आवश्यक वस्तुओं एवं दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करायी जा सके। जिलाधिकारी द्वारा निजी अस्पतालों के संचालकों से अपेक्षा की गई कि जिस प्रकार से पूर्व में कोविड के दौरान अस्पताल प्रशासन द्वारा अच्छा कार्य किया गया है, उसी प्रकार से संभावित तीसरी लहर के दौरान भी शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही अस्पताल में आने वाले मरीजों का उपचार किया जायेगा। अस्पताल के मुख्य द्वार पर सहज दृश्य स्थान पर अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं एवं कोविड जांच, सिटी स्कैन, वेंटीलेटर बैड, ऑक्सीजन बैड, ऑक्सीजन सिलेण्डर के मूल्य की सूची चस्पा की जायें ,जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। सभी अस्पतालों द्वारा निर्धारित की गई दरों के आधार पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जायंे, यदि किसी अस्पताल द्वारा अधिक दरों पर उपचार किये जाने संबंधी प्रकरण संज्ञान में आते हैं तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से ईमानदारी एवं पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाते हुए अस्पतालांे द्वारा मरीजों को उपचार दिया जायें। निजी अस्पताल द्वारा मरीजों के उपचार हेतु यदि किसी भी उपचारात्मक सुविधा की आवश्यकता है तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुविधायें उपलब्ध कराये जाने में सहयोग किया जायेगा। समस्त अस्पताल संचालकों को निर्देशित किया गया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों से उनके द्वारा कोविड वैक्सीन लगवाये जाने के संबंध में जानकारी लेते हुए वैक्सीन कराये जाने हेतु प्रेरित किया जाये। जनपद में चल रहे कोविड वैक्सीनेशन अभियान में सभी अस्पतालों द्वारा अपना शत प्रतिशत सहयोग देकर अवशेष व्यक्तियों का वैक्सीनेशन कराया जाये। कोविड वैक्सीनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अस्पतालों में पोस्टर/पम्पलेट एवं स्लोगन को चस्पा किया जायें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पाण्डेय, सीएमओ डॉ0 विनय सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं निजी अस्पतालों के संचालक उपस्थित रहे।

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