छः चिताएं एक साथ जलती देख दहल उठा क्षेत्र

छः चिताएं एक साथ जलती देख दहल उठा क्षेत्र

सभी मृतक चाचा-ताऊ के एक ही परिवार से थे
घायल युवती अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रही
बुलन्दशहर/खुर्जा।
विगत शुक्रवार की रात्रि करीब 8बजे डिबाई क्षेत्र में एनएच-509 पर ग्राम सबलपुर के निकट ईको कार एवं एक डग्गेमार बस की भीषण भिङ़ंत में घटना स्थल पर एक ही परिवार के छः लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार को उनके पार्थिव शव ग्राम सैंहड़ा फरीदपुर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया और पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो गया।
जानकारी के अनुसार गुरुवार रात को वीरेंद्र पुत्र कांति सिंह को उसकी ससुराल थाना चंदौसी क्षेत्र के गांव बैटा से सूचना मिली कि उसकी सास जावित्री (70वर्ष) का निधन हो गया है। सूचना पाकर शुक्रवार को प्रातः वीरेंद्र अपनी पत्नी शीला देवी व अन्य परिवारीजनों के साथ ईको गाड़ी से अपनी ससुराल पहुंचे और अंतिम क्रिया करा कर शाम को वापस लौट रहे थे और वीरेन्द्र की पत्नी शीला देवी अपने मायके में ही रुक गयी थी। बाकी सभी सात लोग अपने गांव सैंहड़ा फरीदपुर वापस आ रहे थे कि रास्ते में डिबाई दौराहे के पास ग्राम सबलपुर के निकट सामने से आ रही अनियंत्रित डग्गेमार बस ने ईको गाड़ी को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानंे तो बस बहुत तेज स्पीड में थी और टक्कर इतनी खतरनाक थी कि आसपास के लोग आवाज सुनकर गाड़ी की ओर दौड़ पड़े। लोगों को आता देख बस ड्राइवर फरार हो गया। ईको में सवार भूदेवी (60) पत्नी कल्यान सिंह, रामवती (45) पत्नी छत्रपाल, प्रताप (35) पुत्र कांति सिंह, वीरेंद्र(45) पुत्र कांति सिंह ,रोहित (18) पुत्र वीरेंद्र सिंह और कलुआ (40) पुत्र महेश की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी और बिल्ला पुत्री (45) चुन्नी लाल गम्भीर रूप से घायल हो गयी, जो अब बुलन्दशहर के सरकारी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।शनिवार को जब पीएम के बाद मृतकों के पार्थिव शव इनके पैतृक गांव सैंहड़ा फरीदपुर थाना खुर्जा देहात पहुंचे तो एक साथ छः चिताएं जलती देख पूरा क्षेत्र दहल गया और इसमें आसपास के ग्रामों से सैकड़ों लोग शमशान घाट पहुंचे। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए खुर्जा एसडीएम लवी त्रिपाठी और सीओ सुरेश सिंह भी पहुंचे।

 556 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *