कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर, 12 से 30 वर्ष के लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर, 12 से 30 वर्ष के लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा

बुलन्दशहर/नई दिल्ली। भारत में कोरोना की प्रथम लहर के थोड़े से नियंत्रण में आने के बाद सरकारों और आला अधिकारियों को यह गलत फहमी हो गई थी कि करोना पूरी तरह नियंत्रित हो गया है और वापस लौटकर नहीं आएगा। इसीलिए उन्होंने बाजार, आम सभाएं, शादी समारोह, होटल, टॉकीज, बड़े-बड़े मॉल को खोलने तथा ग्राहकों को आमंत्रित करने की अनुमति दी थी। नीति निर्माता, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार तथा मंत्रालय में बैठे बड़े-बड़े आला अधिकारियों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि कोरोना की दूसरी लहर भी आएगी और इसी के चलते उन्होंने न तो कोई दूरदर्शी नीति बनाई और न ही इससे बचने के किसी उपाय पर विचार ही किया। यह उनकी सबसे बड़ी गलती तथा अदूरदर्शिता भी थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने संक्रमण की ,जो तबाही मचाई और लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया ,अभी कोरोना की दूसरी लहर थमती नहीं दिख रही है।
नीति निर्माता, नेताओं, मंत्रियों और आला अधिकारियों को कोविड-19 की तीसरी लहर के इंतजाम अभी से शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि तीसरी लहर बहुत ही खतरनाक ज्यादा संक्रामक और जानलेवा होने वाली है। यह तीसरी लहर का वैरीऐट बच्चों तथा युवा लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा और इसके कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देंगे, कोविड-19 की पहली लहर में संक्रमण दस दिन तक अपने उफान पर रहता था, अब दूसरी लहर में 5दिन में पूरे शबाब पर आ जाता है, तीसरी लहर में न जाने यह दो या तीन दिन में अपना सर्वाधिक असर दिखाने वाला होगा, अभी क्योंकि बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं ,मैदान में खेलने नहीं जा रहे हैं ,इसीलिए यह उन्हें प्रभावित नहीं कर पा रहा है। जैसे ही स्कूल खुलेंगे, बच्चे स्कूल जाना शुरू करेंगे, तो एक दूसरे को ज्यादा संक्रमित करने की आशंका होगी। ऐसे में तीसरा संक्रमण काल बहुत ज्यादा डरावना और संक्रमण का होगा, वह दूसरे संक्रमण काल से भी ज्यादा मौत देने वाला होगा, ऐसे में सरकारों को, आमजन को, नागरिकों को, यह समझ जाना चाहिए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रचारित, प्रसारित गाइडलाइंस का पूर्णतः पालन कर वैक्सीनेशन करवाना अत्यंत आवश्यक होगा। ब्रिटेन की वैज्ञानिक शोध पत्रिका लेसेंट ने बताया कि ब्रिटेन ,फ्रांस बच्चों के लिए वैक्सीन बनाने में सफल हो गए हैं एवं ब्रिटेन में बच्चों को वैक्सीनेशन देने की अनुमति देने की तैयारी चल रही है। यदि वैक्सीन बन जाती है तो 10, 12 साल से 15 साल के बच्चों को वैक्सीन देकर एवं कोविड-19 की गाइडलाइंस का पालन कर आने वाली पीढ़ी की जान बचाई जा सकती है, पर यह बड़ा खतरनाक वैरीअंट ही होने वाला है, इसे अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होगी, अब किसी भी तरह की लापरवाही कोविड-19 के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकती है, इससे जान जाने का खतरा ज्यादा होगा। अतः केंद्र व राज्य सरकारों के आला अधिकारियों और आम जनता को आने वाले कोरोना के तीसरे वैरीअंट और तीसरी लहर का सामना करने के लिए पूरी सावधानी रख कर उसका सामना करना होगा, तब जाकर जीवन की रक्षा हो सकेगी।-संजीव ठाकुर

 266 total views,  2 views today

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *