कोरोना वेव 2 में मानसिक प्रतिरक्षा की आवश्यकता -संगीता काबरा

कोरोना वेव 2 में मानसिक प्रतिरक्षा की आवश्यकता -संगीता काबरा

नई दिल्ली। कोरोना की लड़ाई वैश्विक है ,यदि आपकी मानसिक शक्ति में कमी होगी, तब आपकी जीत में भी ढिलाई होगी, इसलिए, सकारात्मक सोच से कोरोना का मुकाबला करिए। ऐसा सुझाव देती हैं लाइफ कोच संगीता काबरा। कोरोना की लड़ाई में बच्चे, महिलाएं ,व्यस्क, युवा आदि को शारीरिक तंदुरुस्ती का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। वहीं खानपान, योग रोज की दिनचर्या में शामिल करें ,जिनसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हो।हरी सब्जियों एवं फलों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें, मगर इस समय मानसिक सम्बल, इनसे भी कई गुना ज्यादा जरूरी है। अपनी मेन्टल इम्युनिटी के लिए नियमित रूप से इन आचरणों को अपनाएं-
अपनी सुरक्षा सबकी सुरक्षा इसमें कोई ढील न दें। सकारात्मक सोचें ,पहले से ही हाल न छोड़ दें। कोई बीमार हो तो हालत समझने की कोशिश करें, मरीज की बीमारी मौसमी भी हो सकती है। आसपास की अस्पताल, एम्बुलेंस ,डॉक्टर आदि के नंबर अपने साथ रखें। कामकाज को ऑनलाइन लाने की कोशिश करें। यह समय क्रिएटिव तरीके सोचने का भी हो सकता है ,नए तरीके सोचें काम काज के। बच्चों के साथ समय बिताएं ,घर के कामों में उन्हें शामिल करें। घर पर बातचीत हो तो प्रश्न नहीं जवाब बनने की कोशिश करिए। दूसरों से तुलना करने से बचें। आस पड़ोस एवं हितैषी मित्र से जुड़े रहें। कोरोना की दूसरी लहर में न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होगा। ऐसा बताती हैं एनएलपी सर्टिफाइड कोच संगीता काबरा, जो एक जानी मानी अंतर्राष्ट्रीय लाइफ कोच भी हैं।याद रखें कि यह लड़ाई केवल आपकी एकल लड़ाई नहीं है।

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