कोरोना कर्फ्यू के बाद सोमवार को न्यायालय खुली

कोरोना कर्फ्यू के बाद सोमवार को न्यायालय खुली

न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ताओं ने किया काम
बुलन्दशहर
। न्यायालय के ग्रीष्मकालीन अवकाश एवं कोरोना कर्फ्यू के बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेशानुसार न्यायालय को विधि कार्य करने हेतु खोला गया ,जिसमें न्यायिक अधिकारीगण एवं अधिवक्तागणों ने अनेक वादों पर कार्य किया और आज से न्यायालयों में विधि कार्य शुरू हो गया। सभी अपने-अपने वादों की पैरवी कर सकते हैं। सुमन तिवारी ,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुलन्दशहर द्वारा बताया गया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर जनपद न्यायाधीश डॉ0 अजय कृष्ण विश्वेश के निर्देशन में न्यायालय में केवल आवश्यक मामलों को ही देखेंगे। जैसे कि लंबित और ताजा जमानत, रिहाई, धारा-164 सीआरपीसी के तहत बयान की रिकॉर्डिंग, रिमांड, विविध का निपटान। अत्यावश्यक अपराधिक आवेदन, समय-समय पर जारी उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के निर्देश, और नागरिक प्रकृति के अत्यावश्यक मामले (जैसे निषेधाज्ञा के मामले और नागरिक प्रकृति के अन्य आवेदन) पर भी अत्यधिक आवश्यकता के अनुसार सुनवाई की जा सकती है। अन्य दीवानी मामलों (जैसे-नए वादों आदि) की तात्कालिकता स्थानीय स्तर पर तय की जा सकती है और इसकी सुनवाई के लिए आदेश दिया जा सकता है। 08 से अधिक न्यायिक अधिकारियों को ऐसे मामलों को रोटेशन/समय दर स्लॉट (जहां लागू हो) द्वारा सौंपा जाएगा। मामलों का निर्णय/निपटान करते समय पारित सभी आदेश सीआईएस में अपलोड किए जाएं। आवेदनों के निपटान, आदेश पारित करने/अपलोड करने, जमानत बांड स्वीकार करने, जारी करने के आदेश आदि के संबंध में आपकी ओर से स्थानीय तंत्र विकसित किया जा सकता है। न्यायालय में 30प्रतिशत से अधिक कोर्ट स्टाफ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों सहित विशेष दिनांक पर जो लागू हो, ड्यूटी सौंपी जाएगी तथा कोविड-19 महामारी की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य किए जाएंगे।

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