कोतावली एवं चौकियों पर नहीं मिलता कोई पुलिसकर्मी, चौकी रहती है खाली

कोतावली एवं चौकियों पर नहीं मिलता कोई पुलिसकर्मी, चौकी रहती है खाली

बार-बार शिकायत करने के बाद भी नहीं मिला न्याय
पीडि़त न्याय के लिए भटक रहे दर-दर
बुलन्दशहर।
नगर की पुलिस चौकियों का ही नहीं, बल्कि कोतवाली का भी यही हाल है कि वहां कोई भी पुलिसकर्मी उपस्थित नहंी मिलता। कहीं चौकी पर ताला मिलता है तो कहीं चौकी खुली रहती है, लेकिन वहां कोई भी फरियाद सुनने वाला नहंी मिलता। खुली चौकियों में कोई भी पुलिस कर्मी उपस्थित न होने पर कोई भी शरारती तत्व वहां से महत्वपूर्ण कागजातों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका जिम्मेदार कौन होगा? साथ ही यही आलम कोतवाली का है यदि कोई फरियादी कोतवाली पहंुचता है तो वहां कोतवाल का कोई अता पता नहीं और जब मालूम किया जाता है कि कोतवाल साहब कहां है तो जबाब मिलता है कि वह आराम कर रहे हैं। बता दें कि 01मई की प्रातः करीब 11 बजे डिप्टी गंज चौकी पर एक फरियादी रुखसाना अपनी समस्या लेकर पहुंची और रुखसाना ने बताया कि डिप्टी गंज चौकी खुली हुई है, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी वहां उपस्थित नहीं है, जहां फरियादी ने काफी देर इंतजार किया ,लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी वहां नहीं आया। ऐसे में फरियादी की समस्या कौन सुनेगा? और अगर चौकी में कोई शरारती तत्व महत्वपूर्ण कागजातों को वहां नुकसान पहुंचा दे तो उसका भी जिम्मेदार किसे ठहरायेगी यह पुलिस? इसी तरह आवास विकास चौकी पर भी ताला लगा मिला, पुलिसकर्मी वहां से भी नदारद रहते हैं। फरियादी न्याय के लिए दर-दर भटकते हैं।
ऐसा ही एक मामला नगर कोतवाली के मौ0 सराय रामसुख निवासी एक महिला का है,जिसने विगत 23अप्रैल को डिप्टीगंज चौकी व कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके मोबाइल पर कुछ शरारती तत्व फोन करके अश्लील बाते करते है और अश्लील मैसेज व वीडियो भेजते है। जब वह उनका विरोध करती है तो वे शरारती तत्व उसे तरह-तरह की धमकी देते हैं।मामले की शिकायत महिला सैल,डिप्टीगंज पुलिस चौकी व कोतवाली में की, मगर आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया और उसके मोबाइल पर आज भी तरह-तरह की धमकी दी जा रही है।यह कैसी पुलिसिंग है, जहां पीडि़तों को न्याय नहंी मिल रहा और शिकायत करने पर उन्हें आरोपियों से धमकियां भी मिल रही है,यही हाल पुलिस का रहा तो ऐसा न हो कही अनहोनी हो जाए,इसलिये समय रहते पुलिस को फरियादियों की मदद करनी चाहिये।साथ ही पुलिस के आला अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपने लापरवाह अधीनस्थों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें, जिससे कि आमजन को न्याय मिल सके।
पीडि़ता का यह भी कहना है कि यही कारण है कि पुलिस कार्यालय में फरियादियों की भीड़ लगी रहती है, क्योंकि थाने व कोतवाली स्तर पर फरियादियों को नहीं न्याय नहंी मिल रहा है। अगर चौकी व थानों पर ही उनकी शिकायत का निस्तारण कर दिया जाए तो फरियादी एसएसपी कार्यालय में चक्कर नहीं लगाऐंगे। यदि थाना व चौकी पुलिस सहजता से अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो पीडि़तों को न्याय अवश्य मिलेगा।

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