कैसा अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस?

कैसा अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस?

खुलेआम बेची गयी शराब, खुले रहे ठेके
डिबाई/बुलन्दशहर।
26जून को हर साल दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (इंटरनेशनल डे अगेन्स्ट र्ड्ग अब्यूस एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग) के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से इस इस दिवस की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी। लोगों को नशे से मुक्त कराने और उन्हें जागरुक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। लेकिन जहां एक ओर समूचे विश्व मे नशे को प्रतिबंधित करने के लिए कानून को और सख्त किया जा रहा है। लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तो वहीं आज के दिन रोजमर्रा की तरह शराब के ठेके बदस्तूर खोले गए। देशी शराब, अंग्रेजी शराब तथा बीयर के अलावा भांग के ठेके निर्बाध खोले गए। इतना ही नही जब शराब की दुकानों पर काम कर रहे सेल्समैनों से नशा निषेध दिवस के बारे में पूछा गया तो सभी ने ऐसे किसी भी दिन के विषय मे जानकारी नही होने की बात कही। अब ये सवाल खुद में विचार योग्य है कि जिस दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशा निषेध दिवस के रूप में मनाया जा रहा हो,उसी दिन नशे का सर्वाधिक प्रचलन में आने वाला मादक पदार्थ यानी शराब की दुकानें बेखौफ खोली गई तो आबकारी विभाग को ये तो स्पष्ट करना ही होगा कि क्या आज के इस दिवस के विषय मे आबकारी अधिकारियों को जानकारी थी भी या नही? और यदि थी तो क्या अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर शराब बिक्री पर रोक नही होनी चाहिए थी? यदि नही तो फिर कैसा अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस? जब अभी विगत दिवस पर पूरे विश्व ने विश्व योग दिवस मनाया है तो फिर अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस क्यों नही? देखना है कि अब शासन प्रशासन इसका संज्ञान किस दिशा एवं दशा में लेता है?

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