केएम मेडिकल अस्पताल पर भाजपा नेता ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली के लगाए आरोप

केएम मेडिकल अस्पताल पर भाजपा नेता ने इलाज के नाम पर अवैध वसूली के लगाए आरोप

सीएमओ का नहीं उठता फोन ,मुख्यमंत्री से लगायी न्याय की गुहार
मथुरा।
जिले के केएम मेडिकल हॉस्पिटल पर भाजपा के जिला युवा मोर्चा के महामंत्री ने अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। जिला युवा मोर्चा के महामंत्री दिनेश चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि केएम मेडिकल हॉस्पिटल में उनकी माताजी को डिस्चार्ज करने की ऐवज में 1 लाख 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा है, जबकि 40 हजार रुपये माताजी को भर्ती करने के समय अस्पताल प्रशासन को जमा करा दिए थे। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत के बाद भी हॉस्पिटल के चेयरमैन मां को डिस्चार्ज नहीं होने दे रहे हैं।
मथुरा में कोरोना काल की आड़ में हॉस्पिटल में जमकर अवैध उगाही की जा रही हैं। ऐसा ही अवैध वसूली का एक मामला सामने आया है केएम मेडिकल हॉस्पिटल का। जहां बीजेपी के जिला युवा मोर्चा के महामंत्री ने केएम मेडिकल हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। केएम मेडिकल हॉस्पिटल के चेयरमैन द्वारा 1 लाख 10 हजार रुपये की और अतिरिक्त माँग की जा रही है। बिना पैसों के मां को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज नहीं कर रहे हैं। जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जिला प्रशासन के अधिकारी कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। पीडि़त ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।एक ओर कोरोना की दूसरी लहर से पूरा देश परेशान है और हॉस्पिटल वाले जमकर कोरोना का फायदा उठा रहे हैं। हॉस्पिटल मरीज और उनके तीमारदारों से जमकर अवैध वसूली कर रहे हैं। मथुरा में लोगों की समस्या को देखते हुए केएम मेडिकल हॉस्पिटल को कोविड सेंटर बनाया गया था। पहले केडी मेडिकल हॉस्पिटल और अब जिले के कस्बा सौंख के केएम मेडिकल हॉस्पिटल अवैध वसूली को लेकर सुर्खियों में है।
एडमिट करने पर जमा कराए 40 हजार
बालाजीपुरम निवासी बीजेपी के युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिनेश चौधरी ने केएम मेडिकल हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिनेश चौधरी ने बताया कि मां को 5 मई के दिन स्वास्थ खराब हो गया था। सांस लेने में दिक्कत हुई और उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें केएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया गया। भर्ती कराने की ऐवज में हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा 40 हजार जमा करा लिए गए। मां को डिस्चार्ज कराने के लिए गए तो उन्होंने बची हुई धनराशि 1 लाख 10 हजार रुपये जमा कराने की मांग केएम मेडिकल हॉस्पिटल के चेयरमैन द्वारा की गई। हमने उनसे पैसे न देने को कहा तो उन्होंने हमें धक्के मरवाकर भगा दिया। पीडि़त ने अपने साथ हुई घटना के बारे में डीएम और सीएमओ को बताया तो दोनों अधिकारियों ने पीडि़त को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पीडि़त ने जिले के अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री से भी न्याय की गुहार लगाई है।
सीएमओ का नहीं उठता है फोन
केडी मेडिकल हॉस्पिटल पर लगे आरोपों को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रचना गुप्ता से फोन पर संपर्क किया गया और कई बार फोन से संपर्क करने की कोशिश की गई ,लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

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