कांग्रेसियों ने उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन को किया याद

कांग्रेसियों ने उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन को किया याद

बुलन्दशहर।मंगलवार को जिला कांग्रेस कार्यालय पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव सैय्यद मुनीर अकबर के नेतृत्व में उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रदेश महासचिव सैय्यद मुनीर अकबर ने कहा कि बाबू जगजीवन राम के जीवन के कई पहलू है, वैसे ही एक है भारत की संसदीय लोकतंत्र के विकास में उनका अमूल्य योगदान, 28 साल की उम्र में ही उन्हें 1936 में बिहार विधान परिषद के सदस्य नामित कर दिया गया था। जब गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के तहत 1937 में चुनाव हुए तो बाबूजी डिप्रेस्ड क्लास लीग के उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध एमएलए चुने गए। अंग्रेज बिहार में अपनी पिट्टू सरकार बनाने के प्रयास में थे, उनकी कोशिश थी कि जगजीवन राम को लालच देकर अपने साथ मिला जाए। उन्होंने मंत्री पद और पैसे का लालच दिया, लेकिन जगजीवन राम ने अंग्रेजों को साथ देने से साफ इंकार कर दिया ,उसके बाद बिहार में कांग्रेस की सरकार बनी, वह मंत्री बने। साल भर के अंदर ही अंग्रेजों के गैर जिम्मेदारान रुख के कारण महात्मा गांधी की सलाह पर कांग्रेस सरकारों ने इस्तीफा दे दिया। बाबू जी इस काम में सबसे आगे थे। पद का लालच से वे दूर रहे। इस मौके पर शहर कांग्रेस अल्पसंख्यक के अध्यक्ष रहमत अली ने कहा कि जब अंग्रेज फूट डालो राज करो नीति अपनाते हुए दलितों को सामूहिक धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर कर रहे थे तब बाबू जी ने इस अन्यायपूर्ण कर्म को रोका। इस घटनाक्रम के पश्चात बाबूजी दलितों के सर्वमान्य राष्ट्रीय नेता के रूप में जाने गए और गांधी जी के विश्वसनीय एवं प्रिय पात्र बने। इस मौके पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी,आरिफ कुरैशी, चौधरी किशन सिंह मौजूद रहे

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