कमीशनखोरी की भेंट चढ़े मथुरा में निर्मित दो पुल

कमीशनखोरी की भेंट चढ़े मथुरा में निर्मित दो पुल

दो साल में ही आरसीसी स्लैब व यमुना पुल की आरसीसी रोड टूटने लगी
करोड़ों की लागत से बने हैं पुल ,लोगों की जान से हो रहा खिलवाढ़
यमुना पुल की आयेदिन टूट जाती है सीसी रोड
मथुरा।
अलीगढ़-मथुरा को जोड़ने वाले यमुना पुल का निर्माण हुए अभी दो वर्ष ही हुए है ,परंतु दो वर्ष में अनेकों बार सी सी सड़क टूट गयी और अधिक गहराई में गड्ढे हो गए ,सारियाँ भी बाहर निकल आतीं हैं। लेकिन पेच मरम्मत कर खाना पूर्ति कर दो जाती है। वहीं दूसरी ओर लक्ष्मीनगर को गोविन्द नगर एवं जन्म भूमि से जोड़ने वाले रेलवे ओवर ब्रिज दो साल में ही धराशायी होने लगा है। करीब 60 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा बनाए गए पुल के बीच में एक बड़ा हिस्सा टूट कर गिर गया है। स्थानीय प्रशासन और अफसर मामले को लेकर चुप्पी साधे हैं। वहीं लोग दो साल में ही पुल के टूट जाने से हैरान है ,और इसे बड़ा भ्रष्टाचार बता रहे हैं। यूपी में सपा शासन काल में शुरु हुए रेलवे ओवर ब्रिज वर्ष 2018 में बनकर तैयार हुआ।  स्थानीय नेताओं ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए लोकार्पण किया। लेकिन करोड़ की लागत से बने पुल कमिशनखोरी की भेंट चड़ गए दो साल भी में ही पुलों के टूटने से लोगों को जान का खघ्तरा होने लगा है। लक्ष्मी नगर पुल के बीच में करीब दस फुट लंबा और पांच फुट से अधिक चौड़े हिस्से का लेंटर धराशायी हो गया। पुल के नीचे रह रहे लोग बाल-बाल बचे। वहीं पुल पर रफ्तार के साथ चलने वाले वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। टूटे पुल के कारण बड़ा हादसा कभी हो सकता है। बहरहाल निर्माण पूर्ण होने के दो साल बाद ही पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटने पर सेतु निगम ने दोनों ओर से बोर्ड लगा कर वाहन चालकों को चेतावनी दी है। और एक हिस्से में वाहनों के आवागमन  में भी पिछले पांच दिनों से रोक लगा दी है। स्थानीय लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि इस पुल के बनने के कुछ दिन बाद ही नीचे से लेंटर झड़ने लगा था। आए दिन स्लैब गिरने से सरिया निकल आई थी। पुल पर वाहन निकलते थे तो बड़ी दुर्घटना होने का डर लगा रहता था। जानकारों का कहना है कि पुल निर्माण करने के नाम पर यह एक बड़ा घोटाला है। सेतु निगम द्वारा बनाया गए पुल दो साल भी नहीं चल सके ।लोगों का कहना है की पुलों के निर्माण के घोटाले में न सिर्फ सेतु निगम बल्कि तत्कालीन प्रशासनिक अफसर और नेता भी शामिल हो सकते हैं। लोगों का कहना हे कि अंग्रेजी शासन में मथुरा में बने रेलवे पुल और अलीगढ वाला पुल अभी तक आवागमन में आए हैं ।लेकिन दो  वर्ष पहले ही लोकार्पण होने वाले पुल टूटने लगे हैं। यह चौकाने वाली बात है।  दो वर्ष में ही आर सी सी स्लैब झड़ना सड़क में गड्डे होकर सरिया निकलना बहुत ही आश्चर्यजनक है । इसमें भ्रष्टाचार के साथ-साथ लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।

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