अनूपशहर सीट एनसीपी के खाते में जाने से रालोद व सपा के पूर्व विधायकों समेत दावेदारों के मंसूबों पर फिरा पानी

अनूपशहर सीट एनसीपी के खाते में जाने से रालोद व सपा के पूर्व विधायकों समेत दावेदारों के मंसूबों पर फिरा पानी

जहांगीराबाद/बुलन्दशहर। अनूपशहर विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी के खाते में जाने से अनूपशहर के कई दिग्गज नेताओं व पूर्व विधायकों के मंसूबों पर पानी फिर गया। अब अनूपशहर विधानसभा सीट से एनसीपी के प्रत्याशी के रूप में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के0के0 शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया गया है। हालांकि बसपा व दूसरे दलों को छोड़कर टिकट की चाह में रालोद और सपा में आए पूर्व विधायको के मंसूबों पर पानी फिर गया है। अब उन सभी की मजबूरी हो गई है कि गठबंधन धर्म निभाकर एनसीपी के प्रत्याशी को जिता कर विधानसभा पहुंचाना है या अगली रणनीति तैयार करेंगे यह अभी देखना बाकी है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के साथ हुई सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच हुई वार्ता के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हालात एक बार फिर बदलने लगे हैं। एनसीपी का सपा से गठबंधन होने के बाद जैसे ही बुलन्दशहर की अनूपशहर सीट एनसीपी के खाते में गई तो अनूपशहर से सपा-रालोद के लिए टिकट के दावेदार पूर्व विधायक चौधरी गजेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य पति सुनील चरोरा व सपा के पूर्व विधायक मुकेश पंडित, पूर्व विधायक चौधरी होशियार सिंह, सपा के पूर्व प्रत्याशी रहे सैय्यद हिमायत अली, कुसुम शर्मा व भाजपा छोड़ कर सपा में आये चौधरी अनिल चरोरा आदि के मंसूबों पर पानी फिर गया। सभी दावेदार अभी भी लखनऊ में अपने-अपने आकाओं के यहां हाजरी दे रहे है।
गठबंधन प्रत्याशी के0के0 शर्मा ने बताया कि अनूपशहर विधानसभा सीट से दमदार तरीके से चुनाव लड़ेंगे और विधानसभा पहुंचकर क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान कराने का काम करेंगे। के0के0 शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने सर्वाधिक विकास कार्य अनूपशहर क्षेत्र में कराए थे। आज भी अनूपशहर की जनता का समर्थन में प्यार प्राप्त है और अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव का प्रत्याशी एनसीपी द्वारा घोषित किए जाने के बाद एनसीपी सपा-रालोद गठबंधन ने अनूपशहर का विकास कराने का अवसर दिया है। विधानसभा पहुंचने के बाद अनूपशहर का विकास बृजघाट की तर्ज पर होगा। उन्होंने कहा कि मुझे तो गंगा मैया ने एक बार फिर बुला लिया है। बता दें कि अनूपशहर छोटी काशी के रूप में मशहूर है और छोटी काशी का प्रत्याशी बनाकर मुझे छोटी काशी की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। अनूपशहर सीट पर सर्वाधिक ब्राह्मण विधायकों का कब्जा रहा है। अनूपशहर विधानसभा का इतिहास देखे तो देश की आजादी के बाद से अब तक सर्वाधिक ब्राह्मण समाज के लोग विधानसभा पहुंचे हैं। वर्तमान विधायक संजय शर्मा, चौधरी गजेंद्र सिंह लगातार दो बार विधायक रहे, नवल किशोर गर्ग, पीके शर्मा लगातार तीन बार विधायक रहे थे, सतीश शर्मा विधायक रहे थे।  अनूपशहर विस सीट पर कुल 199376 पुरुष, 177806 महिला व 36 थर्ड जेंडर के मतदाताओं सहित कुल 377218 मतदाता हैं। मतदाताओं ने भी गठबंधन धर्म निभाया तो एनसीपी का यूपी में खुल सकता है खाता। दरअसल, कृषि कानूनों को लेकर किसानों के खिलाफ होने से आरएलडी में एक बार फिर जान पड़ी, सरकार से खफा जाट मतदाता जयंत चौधरी का गुणगान कर रहा है, तो भाजपा को हराने वाले एंटी भाजपा मतदाताओं को केवल अखिलेश यादव दिखाई दे रहे हैं, ऐसे में एनसीपी का गठबंधन अनूपशहर सीट के लिए एनसीपी के लिए फायदे का सौदा बन सकता है।

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