अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर लें नशामुक्त होने का प्रण – शिखा कौशिक

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर लें नशामुक्त होने का प्रण – शिखा कौशिक

बुलन्दशहर। आज के दिन हर साल दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से इस दिवस की स्थापना वर्ष, 1987 में हुई थी। लोगों को नशे से मुक्त कराने और उन्हें जागरुक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। नशीली दवाओं या पदार्थों का सेवन करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र ने 7दिसंबर ,1987 को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस के माध्यम से लोगों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के प्रति जागरुक किया जाता है। ड्रग्स के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस का मुख्य एजेंडा जनता में इसके अवैध उत्पादन और उनके सेवन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा इसकी अवैध तस्करी और इससे जुड़े खतरों के बारे में लोगों को अवगत कराना है। यहां ड्रग्स का मतलब सिर्फ चरस, कोकीन और अफीम ही नहीं हैं बल्कि पेन किलर और नींद की दवाएं आदि भी हैं ,जो बगैर डॉक्टरी परामर्श के धड़ल्ले से ली जाती हैं। इसी सन्दर्भ में मुस्लिम गर्ल्स डिग्री कॉलेज की कार्यक्रम अधिकारी एवं मुस्कुराएगा इंडिया पहल की काउंसलर शिखा कौशिक ने शुक्रवार को वेबिनार के माध्यम से नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए छात्राओं व उनके परिजनों को जागरूक किया। उन्होंने जानकारी दी कि विश्व भर में 26जून ,2020 को नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जायेगा। हर साल नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस की थीम अलग होती है। उन्होंने वेबिनार की शुरूआती दौर में बताया कि हम सभी को सबसे पहले सुरक्षित और स्वस्थ होना है, जो इस जोखिम और ड्रग्स के सेवन को कम करने में मदद करने के लिए पहला और प्रारंभिक कदम है। दुनिया भर को नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त बनाने और अवैध तस्करी को खत्म करने एवं पीडि़तों की शिकायतों को दूर करने के लिए दुनिया भर के अन्य हितधारकों के साथ संयुक्त राष्ट्र में प्रत्येक वर्ष कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और क्राइम कार्यालय (यूएनओडीसी) ने इस दिन वैश्विक दवा समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु अभियान शुरू किया था। प्रत्येक वर्ष संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स और क्राइम कार्यालय (यूएनओडीसी) इस दिन के लिए एक विषय का चयन करता है। ड्रग्स का सेवन या ड्रग्स की लत एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समस्या है जो न केवल पूरे विश्व के युवाओं को प्रभावित करती है, बल्कि विभिन्न आयु के लोगों को भी प्रभावित करती है। यह व्यक्तियों और समाज को कई क्षेत्रों में नष्ट कर देती है। ऐसे ड्रग्स की लत के कारण भूख और वजन, कब्ज, चिंता का बढ़ना और चिड़चिड़ापन, नींद आना और कामकाज की हांनि का गंभीर नुकसान होता है। इसलिए हमें इस दिन अपने सभी नशे संबंधी मुक्त करने के तौर तरीकों को अपनाते हुए प्रण लेकर अपने जीवन में चरितार्थ करना चाहिए।

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